बेंगलुरु। जीतो लेडीज विंग बेंगलुरु नॉर्थ की ओर से सेवा एवं जीतो श्रमण आरोग्यम वर्टिकल के अंतर्गत ‘स्त्री : कल, आज और कल’ विषय पर कार्यक्रम महावीर धर्मशाला, वी.वी. पुरम में चातुर्मासरत आगम ज्ञाता एवं प्रज्ञा-महर्षि दक्षिण भास्कर पूज्य गुरुदेव डॉ. समकित मुनिजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में हुआ। 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। महामंत्री रक्षा छाजेड़ के संचालन में नवकार महामंत्र जाप से शुभारंभ हुआ। अध्यक्षा लक्ष्मी बाफना ने स्वागत किया। मधु बरलोटा ने गुरु व्याख्यान प्रस्तुत किया, जबकि संयोजिका अलका लोढ़ा ने गुरुदेव की आध्यात्मिक यात्रा से परिचित कराया।
डॉ. समकित मुनिजी ने कहा कि नारी परिवार की आधारशिला के साथ समाज व राष्ट्र के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कल की स्त्री को त्याग-समर्पण, आज की स्त्री को शक्ति-आत्मविश्वास और कल की स्त्री को संस्कार, आत्मपहचान व मानसिक शांति के संतुलन का स्वरूप बताया। उन्होंने महिलाओं को अपनी गरिमा व पहचान बनाए रखते हुए संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा दी।
प्रश्नोत्तरी में महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया। जीतो लेडीज विंग कन्वीनर नेमिचंद दलाल, श्रमण आरोग्यम एपेक्स संयोजक सुनीता गांधी, आत्मनिर्भर एपेक्स संयोजक बिंदु रायसोनी, सीएफई एपेक्स वाइस चेयरपर्सन मोनिका पिरगल, पूर्व अध्यक्ष निशा सामर, जीतो बालडोटा गर्ल्स हॉस्टल कन्वीनर चित्रा मेहता, कोर कमेटी से तनुजा मेहता, सुमन रांका, साधना धोखा, सारिका जैन व स्वीटी नाहर उपस्थित रहे।
चातुर्मास समिति के ट्रस्टी, महिला मंडल अध्यक्ष रसीला मरलेचा एवं टीम का सहयोग रहा। सह-संयोजिका मधु बरलोटा के प्रयासों से आयोजन सफल रहा। सहमंत्री मीना बडेरा ने आभार व्यक्त किया। मांगलिक पाठ, राष्ट्रगान व अल्पाहार के साथ समापन हुआ।
नारी में त्याग, शक्ति और संतुलन का समन्वय जरूरी : डॉ. समकित मुनिजी

