हरदी-बीरपुर में जुलूस का कार्यक्रम कई गांवों से होकर मजार पर पहुंचा, पुलिस की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ कार्यक्रम
दुबौला, बस्ती:- हरदी खास बीरपुर क्षेत्र में बुधवार, 26 अगस्त को जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस का आयोजन मदरसा फैजानुर्रसूल, हरदी बीरपुर के प्रधानाचार्य मो. सलीम खान एवं कमेटी के सदस्यों की अगुवाई में किया गया। इसमें आसपास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस मदरसा फैजानुर्रसूल, बीरपुर से शुरू होकर हरदी गांव, तेनुई चौराहा, टिनिच, भरवलिया, बनकटिया और मुडिलवा होते हुए सैय्यद शहीद बाबा की मजार पर पहुंचा। इसमें बेलघाट, कटरा, मैनहिया, टिनिच, घनघटी, भरवलिया, तेनुई, हरदी, बीरपुर, मुडसरा, सुकरौली और बनकटिया सहित कई स्थानों के जुलूस शामिल हुए। जुलूस के दौरान लोगों ने धार्मिक नारों के साथ अमन, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। सैय्यद शहीद बाबा की मजार पर पहुंचने के बाद मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। इस दौरान नबी-ए-करीम हजरत मोहम्मद की सीरत, रहमत, अखलाक और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। कुरआन की तिलावत, दरूद व सलाम तथा नात-ए-पाक पेश की गई। कार्यक्रम में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद तथा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया। इसी दौरान सैय्यद शहीद बाबा के आगामी जलसे की तारीख की घोषणा भी की गई। श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का उद्देश्य केवल जश्न मनाना नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं को जीवन में अपनाना है। सच्चाई, रहमत, इंसाफ, भाईचारा और अच्छे अखलाक समाज को मजबूत बनाने का आधार हैं। जुलूस एवं कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। दुबौला चौकी प्रभारी सुनील कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। वहीं कप्तानगंज थाना प्रभारी आलोक कुमार श्रीवास्तव भी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए रहे और उन्होंने दो बार क्षेत्र का भ्रमण कर जुलूस एवं मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
