डोंबिवली। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल, डोंबिवली द्वारा आयोजित साधारण सभा स्थानीय सभाभवन में गरिमापूर्ण, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सभा का शुभारंभ सामूहिक नमस्कार महामंत्र एवं मंगलाचरण से हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मंगलभाव से अनुप्राणित कर दिया।
अध्यक्ष श्रीमती सुधा जी सियाल ने अपने स्वागत उद्बोधन में संगठन की शक्ति, सेवा, संस्कार एवं समर्पण की भावना को रेखांकित करते हुए सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता एवं उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यशैली अपनाने का प्रेरक आह्वान किया।
मंत्री श्रीमती मीना जी धाकड़ ने वर्षभर की गतिविधियों का प्रभावशाली प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सेवा, संस्कार, सृजन एवं संगठन की उपलब्धियों को कविता एवं आकर्षक दृश्य-प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वर्ष की यात्रा को सजीव कर उपस्थित सदस्यों को भावविभोर कर दिया।
संविधान वाचन के अंतर्गत अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती जुली जी मेहता ने संगठन के नियमों को अत्यंत सरल, सहज एवं व्यावहारिक शैली में प्रश्नोत्तर पद्धति द्वारा प्रस्तुत किया। प्रत्येक नियम के पीछे निहित उद्देश्य, मर्यादा एवं संगठनात्मक मूल्यों को उदाहरणों सहित स्पष्ट करते हुए उन्होंने सभी सदस्यों में अनुशासन, दायित्वबोध एवं संगठन के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ किया।
कोषाध्यक्ष श्रीमती रेखा जी मादरेचा ने वर्षभर के आय-व्यय का पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सदन द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए “ॐ अर्हम्” के साथ अनुमोदित किया गया।
श्री अशोक जी बड़ाला ऊर्जा फाउंडेशन से श्रीमती स्नेहिल दीक्षित एवं दक्षता मंडल से श्रीमती रूपाली शेवाने ने “पर्यावरण संरक्षण – ग्रीन जीवन” विषय पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवन, ऊर्जा संरक्षण तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देते हुए सभी को पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।
कन्यामंडल द्वारा वर्षभर की उपलब्धियों से परिपूर्ण प्रेरणादायी यात्रा को आकर्षक पी.पी.टी. के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कन्यामंडल प्रभारी पायल परमार, सहप्रभारी दीपाली कच्छारा, संयोजिका खुशी मादरेचा, सहसंयोजिका ख्वाहिश मादरेचा एवं समस्त टीम के अथक परिश्रम, समर्पण एवं सृजनात्मक कार्यों के परिणामस्वरूप डोंबिवली कन्यामंडल की गूंज अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल तक पहुँची, जो समस्त मंडल के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है।
“मर्यादा मेरी पहचान” विषय पर कन्यामंडल द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का हृदय स्पर्श किया। मर्यादा, संस्कार एवं अनुशासन का संदेश अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्य वक्ता श्रीमती सरोज सिंघवी ने कहानी एवं व्यंग्य के माध्यम से “मर्यादा मेरी पहचान” विषय का अत्यंत रोचक एवं विचारोत्तेजक विवेचन किया। आपने कहा—
“जहाँ अहंकार क्षीण होता है और संस्कारों की अविरल धारा प्रवाहित होती है, वहीं मर्यादा अपना स्थायी निवास बनाती है।”
आपके प्रेरक विचारों ने उपस्थित प्रत्येक सदस्य को आत्ममंथन एवं मर्यादामय जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की।
सभा को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने हेतु “बुझो तो जाने” शीर्षक से ज्ञानवर्धक पहेलियों का आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पारितोषिक प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया।श्रीमती सोनिका जी बाफना को प्रचार-प्रसार मंत्री के दायित्व पर मनोनीत किया गया। सभी ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए सफल कार्यकाल की मंगलकामना व्यक्त की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अध्यक्ष श्रीमती सुधा जी सियाल ने सभी सदस्यों से संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने हेतु सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति प्रत्येक सदस्य की सहभागिता, अनुशासन, सेवा-भाव एवं सामूहिक समर्पण में निहित है।
कुशल संचालन कार्यकारिणी सदस्य रीना जी हिंगड़ व
अंत में सहमंत्री श्रीमती वैशाली सिंघवी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित बहनों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
सभा में गरिमामयी उपाध्यक्ष मधु जी कोठारी, सहमंत्री नैना जी कच्छारा, संगठन मंत्री सरोज जी इटोदिया, निवर्तमान प्रचार-प्रसार मंत्री प्रज्ञा जी कच्छारा सहित परामर्शक बहनों, मार्गदर्शक बहनों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं विशेष सहयोगी बहनों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा एवं गरिमा में अभिवृद्धि की।
यह साधारण सभा केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि संगठनात्मक उत्तरदायित्व, पारदर्शिता, मर्यादा, पर्यावरण चेतना, संस्कार एवं सामूहिक संकल्प का सशक्त संगम सिद्ध हुई। प्रत्येक सदस्य सेवा, संगठन और संस्कार के प्रति नवीन ऊर्जा, नवचेतना एवं दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण रही। ऐसी जानकारी तेरापंथ महिला मंडल की सदस्य हेमलता मुनोत इन्होंने दी।

