लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं और इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसे राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की है। पार्टी का मानना है कि यह मामला भाजपा के उस हिंदुत्व आधारित नैरेटिव को चुनौती देने का अवसर प्रदान कर सकता है, जिसके सहारे वह लंबे समय से चुनावी बढ़त बनाए हुए है। इसी रणनीति के तहत सपा अब गांव-गांव पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सम्मेलन आयोजित कर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में इस प्रकरण को लेकर भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर लगातार हमले तेज किए हैं। पार्टी का कहना है कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके मंदिर के नाम पर जुटाई गई धनराशि में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। सपा इसे केवल वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि आस्था से जुड़े विश्वास के साथ खिलवाड़ का मामला बता रही है।
