By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: मेरु के समान होते हैं पंच महाव्रत : युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
social

मेरु के समान होते हैं पंच महाव्रत : युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण

Last updated: June 23, 2026 12:59 am
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE
Highlights
  • महाव्रतों के पालन के प्रति जागरूक रहने हेतु आचार्यश्री ने किया अभिप्रेरित
  • चारित्रात्माओं की जिज्ञासाओं को आचार्यश्री ने किया उत्तरित

लाडनूं । जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अनुशास्ता, अखण्ड परिव्राजक, महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने सोमवार को सुधर्मा सभा में आयोजित प्रातःकालीन मुख्य मंगल प्रवचन कार्यक्रम में उपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ को आज के निर्धारित विषय ‘पांच महाव्रतों की आराधना’ को आगम के माध्यम से विवेचित करते हुए कहा कि दुनिया में दण्ड संहिता चलती है तो साधु संस्था में प्रायश्चित्त की बात आती है। राजतंत्र में अपराध करने वाले को दण्ड देने का विधान होता है। आदमी को अपने शुभ और अशुभ कर्मों का फल स्वयं ही भोगना होता है। शुभ कर्म होता है तो अच्छे फल और अशुभ कर्म होते हैं तो उसका बुरा फल भी प्राप्त हो जाता है।
साधु के लिए पांच महाव्रतों का पालन करना अनिवार्य है। सर्व प्राणातिपात विरमण, सर्व मृषावाद विरमण, सर्व अदत्तादान विरमण, सर्व मैथुन विरमण और सर्व परिग्रह विरमण। इन महाव्रतों को संक्षेप में कहा जाए तो अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। इन पांच महाव्रतों को ग्रहण कर जैन धर्म की पालना हो सकती है। इनसे कीमती हिरा तो भला दुनिया में कहां मिलेंगे। साधु के लिए इससे कीमती हीरे अथवा रत्न हो ही नहीं सकता। इन पांच महाव्रतों को मेरु के समान भी कहा गया है। इन महाव्रतों के भार को उठाने वाला साधु लोगों के लिए वंदनीय बन जाता है। पांच महाव्रतों को स्वीकार करने वाला दुनिया का बहुत बड़ा आदमी होता है। यह बहुत बड़ी साधना होती है।
साधु को महाव्रतों की पालना के प्रति जागरूक रहने का प्रयास करना चाहिए। अनावश्यक संग्रह से बचने का प्रयास करना चाहिए। साधु जितना अल्पोपधि होता है, उतना ही उसकी साधना निर्मल हो सकती है। अनावश्यक संग्रह से बचने का प्रयास करना चाहिए। सभी साधु-साध्वियों को अपना-अपना प्रतिलेखन करने का प्रयास करना चाहिए। अनावश्यक उपकरणों आदि को हटाने का प्रयास करना चाहिए। स्वयं के द्वारा स्वयं निरीक्षण कर प्रतिलेखन अल्पोपधि बनने का प्रयास करना चाहिए। जहां लम्बा प्रवास हो तो वहां प्रयोग में आने वाली आलमारी का भी महीने में एक बार प्रतिलेखन कर लेने का प्रयास करना चाहिए। यह कोर्य अहिंसा की दृष्टि से भी आवश्यक होता है। अहिंसा, संयम तप साधु के लिए सबसे बड़ा धन होता है। इसी प्रकार गृहस्थ भी अपने जीवन में महाव्रतों का पालन न सकें तो जहां तक संभव हो अणुव्रतों का पालन करने का प्रयास करना चाहिए। जीवन सच्चाई का प्रभाव रहे। नैतिकतापूर्ण जीवन हो। इससे संबंधित अणुव्रतों का पालन करने का प्रयास करना चाहिए। आचार्यश्री ने मंगल प्रवचन के उपरान्त चारित्रात्माओं की जिज्ञासाओं के उत्तर प्रदान किए।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article वेलकम टू द जंगल के साथ लौटेगा फैमिली एंटरटेनमेंट का दौर
Next Article ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ में क्या आगे बढ़ेगी गार्गी और प्रभात की केमिस्ट्री? आकांक्षा रंजन कपूर ने प्रीमियर से पहले दिया जवाब

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

“विलेन से कभी नफ़रत नहीं हो सकती”, विक्रांत मैसी ने बताया राजकुमार हिरानी की फिल्मों की खासियत
entertainment
June 23, 2026
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 जल्द होगा खत्म? तुलसी विरानी के सफर को लेकर बढ़ी चर्चा
entertainment
June 23, 2026
चेन्नई के अम्पा स्काईवन मॉल ( डबल ड्रिबल) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन
social
June 23, 2026
नीति मोहन और यासिर देसाई का ‘तेरी उम्मीद… आज भी’ नए अंदाज़ में लौटा, नई जनरेशन के लिए नई फीलिंग्स के साथ
entertainment
June 23, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?