विक्रमजोत/गौर, बस्ती। जनपद बस्ती में प्रस्तावित “सुपोषण बस्ती अभियान” के अंतर्गत गुरुवार को बाल विकास परियोजना विक्रमजोत एवं गौर की टीमों ने गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के घर-घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने बच्चों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सरकार द्वारा संचालित पोषण योजनाओं की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) विक्रमजोत बलराम सिंह के नेतृत्व में परियोजना क्षेत्र के लगभग 22 अति कुपोषित बच्चों के घरों का भ्रमण किया गया। वहीं बाल विकास परियोजना गौर की टीम ने 16 कुपोषित बच्चों के परिवारों से संपर्क स्थापित किया।
सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती, जिलाधिकारी बस्ती, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन में शीघ्र ही “सुपोषण बस्ती अभियान” प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष वृद्धि निगरानी सप्ताह के दौरान जिले में लगभग 4500 से अधिक अति कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। अभियान का उद्देश्य इन बच्चों के परिवारों तक पहुंचकर उनमें विश्वास पैदा करना तथा उन्हें कुपोषण मुक्त बनाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र भदोही में मुख्य सेविका सरिता सिंह, कुमुद सिंह तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री कृष्णावती सिंह एवं सहायिका लक्ष्मी देवी के साथ टीम ने कुपोषित बालक समर के घर पहुंचकर उसके माता-पिता एवं परिजनों को संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी। परिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा तैयार डाइट चार्ट भी उपलब्ध कराया गया। सीडीपीओ ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों के माध्यम से अतिरिक्त पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों को केला खिलाकर उनकी भोजन ग्रहण करने की क्षमता का आकलन किया तथा परिवारों को सहजन (मोरिंगा) की पत्तियों, मौसमी फल एवं हरी सब्जियों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध छह प्रकार की आवश्यक दवाओं के नियमित सेवन पर भी बल दिया गया। टीम ने फूलडी, महरनिया, शंकरपुर सहित विभिन्न गांवों में कुपोषित बच्चों अनमोल, हर्षिता, रियांश, इकरा एवं अरबिक के परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए। सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि अभियान के अंतर्गत घर-घर भ्रमण के बाद बच्चों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी तथा आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने में अभिभावकों एवं ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना गौर की मुख्य सेविका गीता सिंह सहित विभागीय कर्मियों ने भी क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर परिवारों को पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
कुपोषण के खिलाफ मैदान में उतरा प्रशासन, बच्चों के घर पहुंचकर जगाई उम्मीद

