नई दिल्ली। आरजेडी प्रमुख लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव बसपा प्रमुख मायावती से मिलने के लिए उनके लखनऊ स्थित आवास गए थे। इस दौरान तेजस्वी ने बसपा सुप्रीमो को महागठबंधन की बधाई दी। तेजस्वी और मायावती के बीच इस मुलाकात को गठबंधन के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तेजस्वी यादव मायावती को बिहार में लोकसभा चुनाव में गोपालगंज सीट देने का ऑफर दे सकते हैं।
मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा आज माहौल है जहाँ वे बाबा साहेब के संविधान को लागू करना चाहते हैं और ‘नागपुर कानूनों’ को लागू करना चाहते हैं … मायावती जी और अखिलेश जी द्वारा उठाया गया कदम स्वागत योग्य है। यूपी और बिहार में बीजेपी का सफाया हो जाएगा। वे यूपी में 1 सीट भी नहीं जीत पाएंगे, सपा-बसपा गठबंधन सभी सीटें जीतेंगे।
अब देखना है कि मायावती और तेजस्वी यादव के बीच में क्या राजनीतिक समीकरण बनता है। कहा ये भी जा रहा है कि मायावती के साथ बैठक में अखिलेश यादव भी हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन अभी तक अखिलेश यादव के पहुंचने की कोई खबर नहीं है। बता दें कि यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन का ऐलान हो चुका है। दोनों पार्टियों ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने के राजी हो गई है।
शनिवार को गठबंधन के ऐलान के बाद रविवार को सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने एक ट्वीट किया है। अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कहा है कि बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं। अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’। ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं।
बसपा प्रमुख मायावती से मिले तेजस्वी यादव

