बस्ती:- उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के संविदा कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्र हुए कर्मचारियों ने इसे अन्यायपूर्ण करार देते हुए सभी प्रभावित कर्मियों की तत्काल बहाली की मांग की।
जिलाध्यक्ष राम सकल मौर्य के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नए कर्मचारियों को नियुक्त करने की आड़ में लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। राम सकलने बताया कि जिले में लगभग 115 संविदा कर्मियों को बिना किसी पूर्व सूचना के कार्य से अलग कर दिया गया है। 3 दिसंबर से इन कर्मियों की हाजिरी नहीं लगाई जा रही है, जिससे उनकी सेवा स्वतः समाप्त मानी जा रही है।राम सकल मौर्य ने कहा कि पहले अधिकारियों ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि किसी भी संविदा कर्मचारी को काम से नहीं निकाला जाएगा। लेकिन अब वादाखिलाफी की गई है, जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे सीमित संसाधनों और जोखिम भरी परिस्थितियों में भी दिन-रात विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने का कार्य करते हैं। लाइनमैन, तकनीकी सहायक और अन्य संविदा कर्मी बिजली लाइनों की मरम्मत, फault सुधार और उपभोक्ता सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। अचानक सेवा समाप्ति से न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों के सामने गंभीर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने मुख्य मांगें रखते हुए कहा कि सभी 115 प्रभावित संविदा कर्मियों की तत्काल बहाली की जाए। साथ ही, भविष्य में किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्ति बिना उचित कारण और पूर्व सूचना के न की जाए। इसके लिए अधिकारियों से लिखित आश्वासन की भी मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित बैनर-पोस्टर प्रदर्शित किए। मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में काफी देर तक धरना दिया गया। अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
