मुंबई। लोकल ट्रेन में हिंदी बोलने पर 19 वर्षीय मराठी छात्र अर्णव खैरे की पिटाई और उसके बाद उसकी आत्महत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना पर मुंबई और महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आज़मी ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह आत्म हत्या नहीं हत्या है और महाराष्ट्र की संस्कृति, मानवता तथा संविधान तीनों पर सीधा हमला है। भाषा के नाम पर एक युवक की हत्या करने वाले वास्तव में समाज-विरोधी दरिंदे हैं।
अबू आसिम ने कहा कि,“नफ़रत की राजनीति ने एक और नौजवान की जान छीन ली। अगर सरकार अब भी नहीं जागी तो आने वाले समय में हालात काबू से बाहर हो सकते हैं। भाषा का विवाद खड़ा करने वाले लोग दर-असल राज्य को बर्बाद करने पर तुले बैठे हैं।” उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “क्या महाराष्ट्र में लोग अपनी पसंद की भाषा भी नहीं बोल सकते? अगर एक मराठी परिवार का बेटा केवल हिंदी बोलने पर पीटा जा रहा है, तो क्या राज्य में कानून नाम की कोई चीज़ बची है?”
रेलवे पुलिस और राज्य सरकार पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए आज़मी ने कहा कि “यह घटना केवल अपराध नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की नाकामी भी है। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर सबसे सख़्त धाराएँ लगाई जाएँ, ताकि भाषा के नाम पर नफ़रत फैलाने वालों को समझ आ जाए कि किसी की जान लेना या किसी को आत्महत्या करने पर विवश करना कोई खेल नहीं है।” अर्णव के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आज़मी ने कहा कि यह सिर्फ़ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे राज्य के माथे पर कलंक है। सरकार को ऐसी दरिंदगी के खिलाफ तुरंत और बड़ी सीख देने वाली कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही परिजनों में से किसी एक को सरकारी नौकरी व भरी आर्थिक मुआवजा देना चाहिए।
भाषा के नाम पर युवक को मारने वाले समाज विरोधी दरिंदे हैं
Highlights
- हिंदी बोलने पर मराठी छात्र की पिटाई और आत्महत्या पर अबू आसिम आज़मी की कड़ी प्रतिक्रिया

