राघवेंद्र प्रताप सिंह, कैसरगंज, बहराइच (उ.प्र.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दोपहर बहराइच जिले का दौरा किया, जहां पिछले कुछ हफ्तों से आदमखोर भेड़ियों के हमलों ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला रखी है। सीएम योगी ने हमलों में मारे गए और घायल हुए मासूम बच्चों के परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान उन्होंने भेड़ियों के हमलों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए और प्रभावित परिवारों के लिए व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की। सीएम की घोषणाओं के बाद इलाके में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी, जो ग्रामीणों की उम्मीदों को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कैसरगंज तहसील के फखरपुर ब्लॉक में 9 सितंबर से भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक इन हमलों में 4 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ये भेड़ियां शारदा और घाघरा नदियों के किनारे की झाड़ियों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंच रही हैं, खासकर जब नदियों का जलस्तर बढ़ता है। सीएम योगी ने पीड़ित परिवारों से बातचीत में कहा, “भेड़िया जैसे खतरनाक वन्यजीव नदियों के पास झाड़ियों में रहते हैं। जब नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो ये निकलकर आबादी में पहुंच जाते हैं। इनसे बहुत सावधान रहने की जरूरत है। हम सरकार की तरफ से मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की मदद देने आए हैं।”
जनसभा को संबोधित करने के बाद सीएम योगी श्रावस्ती के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने वन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित शूटरों की मदद से भेड़ियों को शूट किया जाए। क्षेत्र में पहले से गठित 21 टास्क फोर्स को जन जागरूकता अभियान तेज करने के आदेश दिए गए हैं। सीएम की प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं।
मुआवजा राशि- हमलों में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
आवास सुविधा- जिन परिवारों के मकान कच्चे हैं, उन्हें पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।
सुरक्षा उपाय- जिन घरों में दरवाजे नहीं हैं, वहां दरवाजे लगवाए जाएंगे ताकि रात के समय हमलों से बचाव हो सके।
वन विभाग की कार्रवाई- 21 टास्क फोर्स के माध्यम से जन जागरूकता बढ़ाई जाएगी, और शूटरों का सहारा लिया जाएगा यदि भेड़ियों को पकड़ना मुश्किल हो।
ये घोषणाएं न केवल तात्कालिक राहत प्रदान करेंगी बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान भी सुनिश्चित करेंगी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि भेड़ियों के हमलों से बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने कहा, “सीएम साहब का आना हमारे लिए उम्मीद की किरण है। अब हमें विश्वास है कि समस्या का स्थायी समाधान होगा।”
बहराइच में भेड़ियों का ऐतिहासिक आतंक- सैकड़ों साल पुरानी समस्या
बहराइच जिले में भेड़ियों का आतंक कोई नई बात नहीं है। ऐतिहासिक अभिलेखों से पता चलता है कि ब्रिटिश शासनकाल से ही यह क्षेत्र भेड़ियों का गढ़ रहा है। 1860 से 1870 के दशक में अकेले बहराइच और आसपास के इलाकों में भेड़ियों के हमलों से सैकड़ों बच्चों की मौत हुई थी। आधुनिक दौर में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो संभावित आंकड़े निकलकर आते हैं।
2024 में महसी तहसील– मक्का पुरवा, नकवा, कुलैला, हिंद सिंह और सिसैया चूड़ामणि गांवों में भेड़ियों ने 9 बच्चों को मार डाला, जबकि 25 से ज्यादा बच्चे घायल हुए। वन विभाग ने महीनों तक अभियान चलाकर भेड़ियों को पकड़ा।
2018-19 में कतर्नियाघाट और सुजौली इलाके- यहां 13 से ज्यादा बच्चों की जान गई, जिसके बाद प्रशासन को विशेष शूटर बुलाने पड़े।
कुल प्रभाव- शारदा और घाघरा नदियों के किनारे बसे गांवों में हर साल दर्जनों हमले होते हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनजीवन को प्रभावित करते हैं। वन विभाग के अनुमान के अनुसार, पिछले दशक में भेड़ियों के हमलों से कम से कम 50 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, नदियों के बढ़ते जलस्तर और जंगलों की कटाई के कारण भेड़ियां आबादी की ओर रुख कर रही हैं। सीएम योगी के दौरे से उम्मीद है कि इस बार समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात में घर से बाहर न निकलें और बच्चों को अकेला न छोड़ें। आगे की अपडेट के लिए बने रहें।
