तेरापंथ धर्मसंघ के परम् पावन युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की असीम कृपा से पिंपरी चिंचवड वासियों को पर्युषण पर्व पर प्रवक्ता उपासक एवं वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक श्री पारसमल जी दूगड़ तथा सहयोगी उपासक श्री रमेश कुमारजी सिंघवी जी की सम्माननीय उपस्थिति प्राप्त हुई है। पर्यूषण पर्व के विविध कार्यक्रमों का आयोजन तेरापंथ भवन पिंपरी चिंचवड़ में हो रहा है। इसमें उल्लेखनीय कार्यक्रम सुबह 06.30 से 07.30- प्रेक्षाध्यान, योगासन, प्राणायाम और मुद्रा विज्ञान के विविध प्रयोग ।
गुरुदेव द्वारा इंगित तथा केंद्र से निर्धारित सभी दैनिक कार्यक्रम सुबह प्रवचन, सायं कालिन प्रतिक्रमण और अर्हत वंदना तथा रात्रिकालीन प्रवचन बहुत ही व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न हो रहे हैं। और प्रवक्ता उपासक पारसमल जी दूगड़ तथा सहयोगी उपासक श्री रमेश कुमारजी सिंघवी जी उपस्थित जन समुदाय को उद्बोधित कर रहे हैं। पर्यूषण पर्व का प्रथम और दूसरे दिन 20 -21 अगस्त खाद्य संयम और स्वाध्याय महत्त्व के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र था प्रेक्षा ध्यान द्वारा तपस्या को सहजता एवं सरलता से कैसे पूर्ण किया जाये, और साथ में आगम वाणी, कालचक्र पर विशेष प्रवचन सुनने को मिला।
तत्पश्चात 22 से 25 अगस्त सुबह के प्रवचन में – सामायिक दिवस, वाणी संयम दिवस,अणुव्रत चेतना दिवस जप दिवस के अवसर पर मंगल उद्बोधन मिला। भगवान ऋषभ वाणी, पार्श्वनाथ भगवान और भगवान महावीर वाणी पर प्रवक्ता उपासक तथा सहयोगी उपासक द्वारा प्रतिदिन प्रवचन हो रहे है। सभी उद्बोधन अत्यंत प्रेरक और जीवन में नई दिशा प्रदान करने वाले रहे।
प्रतिदिन शाम 06.55 प्रतिक्रमण एवं अर्हत वंदना का क्रम चल रहा है, तो रात्रि 08.15 से 09.15 प्रवचन मे-तेरापंथ दर्शन, तेरापंथ प्रबोध का संगान एवं व्याख्या,जीवन जीने की कला, घर को कैसे स्वर्ग बनायें कर्मों को कैसे क्षय करें जैसे विषयों पर सरल एवं प्रभावशाली शैली में उद्बोधन मिल रहे हैं। लंबी लंबी दूरी से लोग विशाल उपस्थिति के साथ तेरापंथ भवन पधारकर लाभान्वित हो रहे हैं। पर्युषण पर्वाराधना मैं स्वास्थ्यवर्धक आध्यात्मिक जड़ी बूटी का स्वाद लेकर पिंपरी चिंचवड वासी धन्य धन्य हो रहे हैं ।पारसजी दुगड की प्रवचन शैली लोगों का आकर्षण का विषय बनी हुई है।
पर्यूषण पर्व पर पिंपरी चिंचवड़ में अध्यात्म , तप और जप की बहार

