तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम अधिशास्ता, परम पावन आचार्य श्री महाश्रमण जी की असीम कृपा से पिंपरी चिंचवड वीसियों को पर्युषण पर्व पर पावन सन्निधि प्राप्त हुई है, प्रवक्ता उपासक एवं वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक श्री पारसमल जी दूगड़ तथा सहयोगी उपासक श्री रमेश कुमारजी सिंघवी जी की। प्रेक्षा ध्यान कल्याण वर्ष मे विख्यात और अनुभवी प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमलजी से प्रशिक्षण पाने का सुनहरा अवसर मिला। 20 से 27 अगस्त तक पर्यूषण पर्व के विविध कार्यक्रमों का आयोजन तेरापंथ भवन पिंपरी चिंचवड़ में हो रहा है।
इसमें प्रतिदिन: सुबह 06.30 से 07.30- प्रेक्षाध्यान, योगासन, प्राणायाम और मुद्रा विज्ञान के अद्भुत संगम वाले विविध प्रयोग से होती है कार्यक्रम की शुरुआत। प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षक पारसमलजी के अति विशिष्ट प्रशिक्षण शैली से आने वाला हर हर एक व्यक्ति प्रेक्षाध्यान में लीन हो जाता है।
मन और शरीर की शुद्धि के लिए, तनाव और थकान से मुक्ति के लिए,रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिये प्रतिदिन प्रेक्षाध्यान और योग मुद्रा के अतिविशिष्ट प्रयोगों में असंख्य व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं। प्राणायाम में अनुलोम विलोम, शीतली प्राणायाम, चंद्रभेदी ,सूर्य भेदी प्राणायाम के प्रयोग। प्रेक्षाध्यान का विशेष प्रयोग बॉक्स ब्रीदिंग डीप ब्रीदिंग प्रतिदिन किए जा रहे हैं।
घुटने का दर्द, कमर का दर्द, हाथ/ पैर का दर्द, गर्दन का दर्द निवारण हेतु विभिन्न प्रयोग, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने हेतु, मधुमेह निवारण हेतु विभिन्न प्रयोग सिखाए गए। रोगों का निवारण हमारे शरीर के भीतर ही है यह बहुत सुंदर ढंग से समझाया गया।
पारसमलजी का विस्तृत ज्ञान और हर एक रोग का निवारण करने का समाधान अद्भुत है। कई व्यक्तियों को अपने दर्द से राहत इन प्रयोगों द्वारा मिली। पारसजी दुगड़ जब अपनी चिर परिचित शैली में प्रयोग करवाते हैं तो लोग मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।
प्रयोग की यह कड़ी निरंतर चल रही है।
पर्युषण पर्व 2025 – पिंपरी चिंचवड़ में प्रेक्षा ध्यान की गूंज

