फिल्मः ‘महावतार नरसिम्हा’, निर्देशकः अश्विन कुमार रेटिंगः ⭐⭐⭐(3 स्टार)
दिनेश कुमार/सुरभि सलोनी,
पौराणिक कहानियों को नए अंदाज़ में पेश करने की फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी परंपरा रही है। एनीमेशन व तकनीकों के विस्तार और वीएफएक्स के जरिये कहानियों को और भी रोमांचक ढंग से कहने का नया अंदाज़ लोगों को अब और अधिक प्रभावित करने लगा है। इसका ताज़ा उदाहरण है लीम प्रोडक्शंस की नयी फिल्म “महावतार नरसिम्हा”। फिल्म “महावतार नरसिम्हा” का डायरेक्शन अश्विन कुमार ने किया है। जबकि फिल्म में आदित्य राज शर्मा, हरिप्रिया मट्टा, संकेत जायसवाल, प्रियंका भंडारी, वसुंधरा बोस, हरजीत वालिया, संचित वर्तक, सांवरी याज्ञनिक, दिनेश वर्मा, उपलक्ष कोचर, अक्षय जोशी, दिनेश वर्मा, हरीश मोइली, अजय सिंघल, संकल्प जायसवाल, करण त्रिवेदी, अभिषेक शर्मा, डिक्सन शाह, शाहिद जफर, राकेश सोनी, आयुषी आनंद, अंशुल शर्मा आदि ने आवाज दी है। यह एक पौराणिक एनीमेशन फिल्म है।
कहानी: फिल्म महावतार नरसिम्हा की कहानी भक्त प्रहलाद और भगवान विष्णु के बीच भगवान और भक्त की आस्था को दर्शाता है। जिसमें भक्त प्रहलाद के पिता असुर राजा हिरण्यकश्यप जो खुद को भगवान घोषित कर चुके हैं, प्रहलाद के भगवान विष्णु की भक्ति करने पर उन्हें दण्डित करने के लिए अलग-अलग तरकीब सोचते हैं लेकिन सभी नाकाम हो जाते हैं, क्योंकि प्रहलाद को स्वयं भगवान विष्णु बचाते रहते हैं। यहाँ तक कि प्रहलाद को अपनी बहन होलिका के साथ चिता में बिठाकर आग लगवा देते हैं लेकिन इसमें आग से न जलने का वरदान पायी होलिका जल जाती है और प्रहलाद भगवान का स्मरण करते हुए जीवित चिता से बाहर निकल आते हैं। इससे नाराज हिरण्यकश्यप खुद ही प्रहलाद को मारने का फैसला करते हैं और तभी भगवान विष्णु नरसिम्हा के अवतार में प्रकट होते हैं। कहानी हिरण्यकश्यप व उसके भाई के जन्म से लेकर भगवान विष्णु से दुश्मनी की कहानी को भी बखूबी दर्शाया गया है, जिसे देखना भी काफी रोमांचक लगता है।
यह फिल्मांकन ग्राफ़िक और वीएफएक्स के जरिये किया गया है, जो लोगों को काफी रोमांचित करता है। भगवान विष्णु, हिरण्यकश्यप के बीच भयंकर लड़ाई के समय की दहाड़ हो या आकाश, पाताल, समंदर या जंगल सहित विभिन्न सीन्स का फिल्मांकन, सभी सुन्दर और रामांचक बनाने की पूरी कोशिश की गयी है, जिसे देखकर आस्था और भक्ति तो जगती ही है, रामांच भी आता है। अगर आप आस्थावान हैं और नये तकनीक से प्रभावित हैं तो एक बार थियेटर जाकर फिल्म महावतार नरसिम्हा देख आइये। आपको भी मज़ेदार लगेगी।
निर्देशन, वीएफएक्स व संगीत: इस तरह की फिल्मो में सबसे बड़ा रोल निर्देशक और तकनीक का ही होता है, क्योंकि इसमें अभिनय तकनीक के जरिये हो रहा होता है जबकि स्टोरी को चरणबद्ध करने का पूरा काम निर्देशन पर ही निर्भर होता है। फिल्म का निर्देशन अश्विन कुमार ने किया है, जो काफी हद तक बढ़िया रहा है। समंदर हो या पहाड़, स्वर्ग हो या राजमहल या फिर आकाश, पाताल, जंगल सभी एआई और ग्राफ़िक्स के जरिये जीवंत किये गये हैं। और वे दर्शकों पर अपना प्रभाव भी छोड़ते हैं, और इसे जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं फिल्म का सुंदर व सुरीली संगीत। फिल्म के प्रभाव का जीता जागता उदाहरण पेश करती हैं थियेटर में बजती तालियां, जिससे माना जा सकता है कि निर्देशन अश्विन कुमार अपने इस प्रयास में सफल हैं।
कुल मिलाकर इस पौराणिक व एनीमेशन फिल्म को सुरभि सलोनी की तरफ से ⭐⭐⭐ (3 स्टार)।

