ठाणे में। दिनांक 19 जुलाई 2025 को परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री अनंत कुमारजी ने फरमाया के की ग्यारह प्रतिमा धारी श्रावक की साधना करने वाले अभी तक संघ में एक ही श्रावक हे।मुनिश्री विपुल कुमारजी ने गीतिका प्रस्तुत की मुनि द्वय के सानिध्य में उत्कृष्ट आराधना करने वाले अणुव्रत गौरव श्रीमान डाल चंदजी कोठारी के प्रति मंगल अनुमोदना एवम अभिनंदन रखा गया।
ग्यारह प्रतिमा धारक श्रावक श्रीमान डालचंद जी कोठारी राजस्थान के मेवाड के रिंछेड़ ग्राम में जन्मे और अपनी कर्म भूमि दादर मुंबई को बनाया आपका भरा पूरा परिवार है दो पुत्र पुत्रवधू- विनोदजी -विमलाजी, भरतजी-नीतुजी, दो पूत्री – पुष्पाजी धाकड़, भावनाजी बाफना ।
अपनी जीवन संगिनी के देहावसान के पश्चात परम पूज्य गुरुदेव महाश्रमण जी एवं मंत्री मुनि सुमेरमलजी की प्रेरणा से आपने ग्यारह प्रतिमा की साधना लगभग छह वर्षों पूर्व प्रारंभ की तथा उसे पूर्ण किया । आपने विभिन्न पदो पर सेवा दी है । आप अणुव्रत महासमिति के अध्यक्ष रह चुके है।
आपको अणुव्रत सेवी संबोधन भी प्राप्त है । श्रीमान डालचंद जी कोठारी शनिवार को सपरिवार ठाणे में विराजित मुनिश्री अनंत कुमारजी मुनिश्री विपुल कुमारजी के दर्शनार्थ पधारे । अभी ठाणे के श्रावक समाज में आपका मंगल अभिनंदन किया ।
मुंबई अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्रीमान रमेश जी सोनी उनका स्वागत कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की सभा उपाध्यक्ष लक्ष्मी लाल जी सिंघवी ने कार्यक्रम का संचालन किया, सभा अध्यक्ष महेंद्र जी वागरेचा, उपाध्यक्ष श्रीमान मनोहर जी कच्छारा, तेरापंथ कोषाध्यक्ष कमलेश जी चंडालिया अणुव्रत समिति क्षेत्रीयसंयोजक श्रीमान रतन जी कच्छारा, तेरापंथ युवक परिषद थानासेंट्रल अध्यक्ष प्रमोद धींग ,प्रवीण डांगी, मुकेश डांगी, तेरापंथ महिला मंडल ठाणे अध्यक्ष श्रीमती संगीता जी चंडालिया, उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा जी सांखला, मंत्री श्रीमती खुशबू पामेचा, कोषाध्यक्ष श्रीमती लीला जी सिंघवी, कार्यसमिति सदस्य श्रीमती प्रिया जी श्रीश्रीमाल, श्रीमती जयंती जी भंसाली, श्रीमती सीमा जी बाबेल, श्रीमती आभाजी पीपाड़ा ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती निशा जी भटेवरा की सराहनीय उपस्थिति रही ।

