आमिर खान प्रोडक्शन्स को हमेशा से ही इंडियन सिनेमा में एक भरोसेमंद बैनर माना जाता है, जिसने हर जॉनर में बेहतरीन फिल्में दी हैं, फिर चाहे वो ड्रामा हो, कॉमेडी या थ्रिलर। इन्हीं में से एक खास फिल्म रही जाने तू… या जाने ना, जो आज से ठीक 17 साल पहले रिलीज़ हुई थी। इमरान खान और जेनेलिया देशमुख स्टारर ये रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा, अब्बास टायरवाला के निर्देशन में बनी थी और इसने प्यार, दोस्ती और यंग जेनेरेशन की फीलिंग्स को बड़े ही फ्रेश अंदाज़ में दिखाया था। फिल्म की सादगी और इमोशनल टच ने यूथ को गहराई से कनेक्ट किया और इसे एक बड़ा हिट बना दिया। आज भी ये फिल्म लोगों के दिलों में उसी तरह बसती है जैसे तब बसी थी। इमरान और जेनेलिया की परफॉर्मेंस ने इस कहानी को और भी रिलेटेबल बना दिया था। इस फिल्म की सबसे खास बात थी इसका म्यूजिक है। ए.आर. रहमान का संगीत और अब्बास टायरवाला की स्टोरीटेलिंग का मेल हर बार देखने पर नया एहसास देता है। जाने तू… या जाने ना सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक एहसास है जो हर बार देखने पर दिल को वही मासूमियत और ताजगी का अहसास कराता है। यही वजह है कि ये फिल्म आज भी टाइमलेस मानी जाती है और हर उम्र के दर्शकों के लिए एक ‘मस्त-वॉच’ बनी हुई है। ड्रामा और कॉमेडी का परफेक्ट तड़का जाने तू… या जाने ना ने रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी को बड़ी खूबसूरती से मिलाया था। दोस्ती से शुरू होकर प्यार तक पहुंचने वाली ये कहानी यूथ की इमोशनल उलझनों को इतने दिल से दिखाती है कि हर सीन अपना सा लगता है। बीच-बीच में आने वाले फनी ट्विस्ट और दिल छू लेने वाले मोमेंट्स ने इस फिल्म को एक परफेक्ट पैकेज बना दिया -प्यार, हंसी और जवानी की कशमकश से भरी ऐसी कहानी, जिसे एक बार नहीं, बार-बार देखने का मन करता है।
यादों से भरा जवानी का सफर कॉलेज के दोस्तों का वो ग्रुप, एयरपोर्ट पर जय (इमरान खान) और अदिति (जेनेलिया डिसूजा) को रिसीव करने के लिए मिलना – वहीं से शुरू होती है जाने तू… या जाने ना की ये खूबसूरत यादों से भरा सफर। फिल्म दोस्ती, प्यार और ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव को इतने रियल और रिलेटेबल अंदाज़ में दिखाती है कि लगता है जैसे अपनी ही कहानी चल रही हो। ये एकदम वैसी ही इस-ऑफ-लाइफ फिल्म है, जो जवानी के हर पहलू जैसे दोस्ती, उलझन, बदलते रिश्ते और खुद को ढूंढ़ने की कोशिश जैसी खास बातों को बड़े प्यार से समेट लेती है आइकॉनिक म्यूजिक फिल्म का हर गाना आज भी उतना ही दिल छू लेने वाला है जितना पहली बार सुनते वक्त था- चाहे वो थोड़े दर्द और उम्मीद से भरा “कहीं तो” हो, या मस्ती से भरपूर “कभी कभी अदिति”, या फिर आज भी लोगों की ज़ुबान पर चढ़ा “पप्पू कांट डांस साला”। ए.आर. रहमान का म्यूज़िक इस फिल्म की जान है। उन्होंने हर इमोशन को इतने सच्चे और खूबसूरत अंदाज़ में ट्यून किया कि ये साउंडट्रैक उस दौर की एक पूरी पीढ़ी की पहचान बन गया। किसी के प्यार से लगले लगाने जैसी है यह फिल्म इस फिल्म को जब भी देखते हैं, ऐसा लगता है जैसे किसी ने प्यार से गले लगा लिया हो। प्यार, दोस्ती, इमोशन और हल्की-फुल्की कॉमेडी वो हर चीज़ अपने सबसे प्यारे रूप में मौजूद है। यही वजह है कि जाने तू… या जाने ना आज भी उतनी ही फ्रेश लगती है, उतनी ही अपनी सी जैसे ये हमारी ही कहानी हो। इसे देखकर आज भी दिल को सुकून मिलता है, और लगता है कि कोई तो है जो हमें पूरी तरह समझता है। इमरान खान और जेनेलिया डिसूज़ा की केमिस्ट्री! इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी इमरान खान और जेनेलिया डिसूज़ा की जबरदस्त केमिस्ट्री। दोस्ती और प्यार के एहसास को उन्होंने इतने सहज और प्यारे ढंग से निभाया कि हर किसी को अपना कॉलेज टाइम याद आ गया। दोनों की मासूमियत, टकरार और मजबूत बॉन्ड ने यंग ऑडियंस के दिलों में खास जगह बना ली।
17 साल बाद भी जानें क्यों आमिर खान प्रोडक्शन की ‘जाने तू… या जाने ना’ है सबकी फेवरेट

