मुंबई:चेंबूर स्थित तिलकनगर की सरगम बिल्डिंग में आग से 5 मौत के बाद शनिवार को सरकारी महकमा क्षेत्र में सक्रिय रहा। धुएं फांक रही बिल्डिंग की जांच के लिए अधिकारियों और नेताओं का आना-जाना जारी था। इन सबके बीच इमारत के लोग स्तब्ध थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में 168 इमारतें हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत को ओसी नहीं मिली है। इस जानकारी के बाद आग का मंजर देखकर सब सहमे हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नियमों के तहत जो काम बिल्डर को करके देना चाहिए था, वह अधिकारियों से मिलीभगत करके अपना पीछा छुड़ा लिया है। अब अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं, तो वे अपनी जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे पर थोपना चाह रहे हैं। बीएमसी के एक अधिकारी के मुताबिक, म्हाडा अब प्लानिंग अथॉरिटी है। उसके पास जिम्मेदारी आने के बाद पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए।
इस मामले में एमआरटीपी ऐक्ट के तहत उसी को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं म्हाडा के एक वरिष्ठ के अधिकारी के मुताबिक, आग की घटना से कई कमियां सामने आई हैं। जिस इमारत में आग लगी थी, उसमें अग्नि नियंत्रण यंत्र लगा हुआ था, लेकिन पानी का कनेक्शन नहीं था। इमारत के पास अग्निशमन विभाग का एनओसी भी नहीं था। इस घटना के बाद अब म्हाडा सभी अनियमतताओं की जांच करेगी और उस पर लोगों के हित में फैसले करेगी। जहां बिल्डरों की गलती होगी, उस पर कार्रवाई होगी।
तिलक नगर की 168 इमारतों को ओसी नहीं

