मुम्बई। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा मुम्बई के तत्वावधान में मुंबई ज्ञानशाला की आँचलिक संयोजिका श्री मती सुमन जी चपलोत के निर्देशन में तुलसी ज़ोन विरार, नालासोपारा एवं वसई ज्ञानशालाओ की सारणा – वारणा की। जिसमे सहसंयोजिका अनिता जी परमार, विभागीय संयोजिका राजश्री जी कच्छारा, परामर्शक मधुजी मेहता, किरणप्रभा जी हिंगड़, साधना जी फुलफ़गर ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
विरार ज्ञानशाला में कार्यक्रम का शुभांरभ ज्ञानार्थियो द्वारा ज्ञानशाला गीत से हुआ स्वागत भाषण के पश्चात ज्ञानशाला की गतिविधियों की जानकारी मुख्य प्रशिक्षक सुशीला जी चौरड़िया ने दी। सुमन जी ने ज्ञानशाला में होनेवाले आगामी कार्यक्रमो से सभी को अवगत करवाया व परीक्षा की महत्ता बताते हुए सभी को सहभागी बनने के लिए आह्वान किया। ज्ञानशाला आज की पीढ़ी के लिए क्यों जरूरी है उसकी महत्वता को समझाया। प्रशिक्षक बहनो को परीक्षा से कैसे स्वयं को सक्षम बनाना है यह बताता ।स्थानीय सभा के मंत्री राज जी फुलफगर ने स्वागत किया तेयुप मंत्री हेमंत जी धाकड़ नव अपने भावो की अभिव्यक्ति दी। कार्य्रकम का कुशल संचालन किरणप्रभा हिंगड़ ने किया ।महिला मंडल के सहयोग के साथ युवक परिषद का सुंदर सहयोग मिला। नालासोपारा और वसई में भी सारणा वारणा हुई जहाँ प्रेमाजी धाकड़ ने नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की।शुरुवात की सुमन जी ने परीक्षा के बारे में प्रारूप व आगामी कार्यक्रमो की जानकारी दी विशेष कर छोटे बच्चों को ज्ञानशाला में जोड़ने के लिए अभिभावकों से आह्वान किया ।अनिता जी ने बच्चो को जनरल नॉलेज के सवाल पूछे राजश्री जी ने बच्चो को ssb के छोटे छोटे सवालों और जवाबो से बच्चो को जैनत्व की जानकारी से अवगत करवाया । लक्ष्मी मेहता ने ज्ञानशाला में चल रही गतिविधियों के बारे में वताया । यही क्रम वसई में भी हुआ । कार्यक्रम में विरार , नालासोपरा व वसई के पदाधिकारियो की सम्पूर्ण टीम महिलामण्डल की उपस्थिति रही ।इसी क्रम में अंधेरी में ज्ञानशाला के 7 वे वार्षिक समारोह विविध रोचक उत्साहित कार्यक्रमो की प्रस्तुतियां हुई जिसमे भी मुम्बई ज्ञानशाला की आँचलिक संयोजिका सुमन जी के साथ कार्यकारिणी टीम ने अपनी स्हभागिता दर्ज करवाई व अंधेरी ज्ञानशाला के श्रम की सराहना की अंधेरी के कार्यक्रम में अंधेरी में चल रही मरोल ,जे. बी .नगर और जोगेश्वरी ज्ञानशालाओ के साथ आस पास की सभी ज्ञानशलाओ से उपस्थिति रही ।यह जानकारी मुम्बई ज्ञानशाला मीडिया से अनिता सिंयाल ने दी।
विरार, नालासोपारा एवं वसई ज्ञानशालाओं की सारणा – वारणा

