लखनऊ:बसपा लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती पूरी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की योजनाओं पर काम कर रही हैं। इसमें संगठन को मजबूत करने, इसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ ढीले पड़ रहे प्रभारियों को हटाने के संकेत भी मिल रहे हैं। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के राज्य प्रभारी पद से रामअचल राजभर को हटाकर वह साफ संकेत दे चुकी हैं।
मायावती पिछले काफी समय तक चारों राज्यों के चुनाव में व्यस्त रहीं। वह राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर खासा ध्यान दे रही थीं। यह बात अलग है कि इन तीनों राज्यों में अपेक्षा के मुताबिक उन्हें अच्छी सफलता नहीं मिली, लेकिन मध्य प्रदेश में खराब प्रदर्शन के बाद वहां के प्रभारी रामअचल राजभर को हटाकर उन्होंने साफ संकेत दिया है कि अब वह 2014 जैसा कोई गलती नहीं होने देना चाहती हैं।
बताया जा रहा है कि मायावती ने संगठन के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसमें संगठन विस्तार के लिए होने वाले कामों और प्रभारियों के क्रियाकल्प के बारे में जानकारियों के बारे में पूछा गया है। इस रिपोर्ट के बाद कुछ प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। मायावती लापरवाही किसी तरह से बर्दाश्त नहीं करती हैं यह किसी से छिपी नहीं है।
उन्होंने पहली बार वीर सिंह और जय प्रकाश सिंह को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया था, लेकिन एक जरा सी गलती के बाद इन दोनों को इस पद से हटा दिया गया। इस समय नेशनल कोआर्डिनेटर के पद पर कोई नहीं है।
मायावती के लखनऊ जल्द आने के संकेत पार्टी के पदाधिकारियों को दिए जा चुके हैं।
पदाधिकारियों से संगठन विस्तार के बारे में पूरी रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया है। इसमें संगठन विस्तर में अब तक कितने लोगों को जोड़ा गया। इसमें कितने युवा और किस वर्ग के हैं। मायावती समीक्षा बैठक के दौरान इसकी जानकारी लेंगी। इसके आधार पर ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

