नई दिल्ली:राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक जांच से उजागर हुआ है कि बीते तीन साल में पाकिस्तान ने जम्मू में अतंरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते 40 आतंकियों को भारत में घुसाया। फिर इन आतंकियों को लक्षित हमले करने के लिए कश्मीर घाटी में पहुंचाया गया। इस मामले से परिचित सरकार, खुफिया विभाग और सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने कहा, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने घुसपैठियों की संख्या के बारे में यह नतीजा आधा दर्जन जाहिर कार्यकर्ताओं (ओवरग्राउंड वर्कर या ओजीडब्ल्यू) से पूछताछ के बाद निकाला है। ये लोग पाक स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। इन्हें पिछले एक साल के दौरान गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकियों की मदद करने वाले नागरिकों को ओजीडब्ल्यू कहती है।
गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि एनआईए ने पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट दी थी। उसमें यह तथ्य रेखांकित किया गया था कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन घुसपैठ करने के लिए केवल नियंत्रण रेखा का उपयोग नहीं कर रहे थे, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा का भी उपयोग कर रहे थे। एलओसी घाटी और पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बीच की वास्तविक सीमा है। रिपोर्ट में कहा गया कि 40 आतंकियों ने भारत में घुसने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा का उपयोग किया, जो विशेष रूप से खतरनाक है।
घुसपैठ करने वाले जैश के आतंकवादी
अधिकारी के अनुसार, रिपोर्ट में एनआईए ने कहा कि ओजीडब्ल्यू ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उन्होंने बीते दो-तीन साल में सांबा सेक्टर के बेई नुल्ला क्षेत्र से एक दर्जन समूहों को उठाया। हरेक समूह में तीन से चार आतंकी थे। वे मुख्य रूप से जैश के आतंकी थे। एक मामले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के बाद जैश आतंकियों के एक समूह ने नवंबर 2016 में जम्मू में नगरोटा सैन्य संस्थापन पर हमला किया।
सतर्कता पर जोर
एनआईए के अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पुष्टि की कि घुसपैठ के मुद्दे पर एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है। दरअसल ओजीडब्ल्यू नियमित रूप से जम्मू क्षेत्र से आतंकियों को लेने की बात कर रहे थे। इसलिए हमने सरकार को रिपोर्ट देकर इसके बारे में सतर्क करने का फैसला किया। रिपोर्ट सिर्फ पूछताछ से मिली सूचनाओं का संकलन नहीं है, बल्कि इसमें ओजीडब्ल्यू के मोबाइल फोन के आंकड़े भी हैं, जिनसे आतंकियों की घुसपैठ वाली जगहों पर ओजीडब्ल्यू की मौजूदगी की पुष्टि की गई। इसमें सांबा सेक्टर में घुसपैठ के संभावित बिंदुओं को चिह्नित करने के लिए उपग्रहीय तस्वीरों का उपयोग हुआ है।
पाकिस्तान से पिछले तीन साल में 40 आतंकी भारत में घुसे

