लार्ड बुद्धा कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष बेचू बौद्ध ने उठाया अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार ऋण न मिलने का मुद्दा
नीरज राज/बस्ती। उत्तर प्रदेश में स्थगित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत ऋण वितरण व्यवस्था दोबारा शुरू कराने की मांग उठी है। इस संबंध में बस्ती जिले के ग्राम आमभारी, पोस्ट पिपराकाजी निवासी एवं लार्ड बुद्धा कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष बेचू बौद्ध ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजकर योजना को पुनः संचालित कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी। लेकिन उत्तर प्रदेश में योजना के अंतर्गत ऋण वितरण की प्रक्रिया बाधित होने के कारण जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था बंद हो गई है।
इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पात्र लोगों को स्वरोजगार शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। योजना के बंद होने से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद लगाए बैठे जरूरतमंद लाभार्थी प्रभावित हो रहे हैं।
बेचू बौद्ध ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया है कि इस महत्वपूर्ण विषय को संसद में उठाने के साथ ही संबंधित विभाग एवं भारत सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश में स्थगित पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत ऋण वितरण व्यवस्था को पुनः प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक पहल की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को आसानी से ऋण मिल सके और वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान लार्ड बुद्धा कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष बेचू बौद्ध के साथ राजेश कुमार और लक्ष्मी प्रसाद मौजूद रहे।
