By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: गांधी और पटेल के पिता के नाम से अरुण जेटली का कांग्रेस पर निशाना
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

गांधी और पटेल के पिता के नाम से अरुण जेटली का कांग्रेस पर निशाना

Last updated: November 27, 2018 3:24 pm
Surabhi Saloni
Share
5 Min Read
File Photo
SHARE

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। पीएम द्वारा इस मसले पर कांग्रेस पर हमले के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मैदान में कूद गए हैं। कांग्रेस पर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस पार्टी ने कई बड़े नेताओं के योगदान को कम करके दिखाया। जेटली ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लाखों राजनीतिक कार्यकर्ता जो साधारण परिवार से आते हैं वे कांग्रेस के लीडरशिप टेस्ट में फेल हो जाएंगे। यहां मेरिट, मेधा कोई मायने ही नहीं रखती है। कांग्रेस केवल एक ग्रेट सरनेम को ही पॉलिटिकल ब्रैंड के रूप में स्वीकार करती है। जेटली ने देश को दो बड़े नेताओं के पिता का नाम पूछ वित्त मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
जेटली ने फेसबुक पर लिखे अपने ब्लॉग में लिखा है कि इन सब बातों को सुनने के बाद मैंने अपने कुछ जानकार दोस्तों से तीन सवाल पूछे
1-गांधीजी के पिता का क्या नाम था?
2-सरदार पटेल के पिता का क्या नाम था?
3-सरदार पटेल की पत्नी का क्या नाम था?
उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरे किसी भी जानकार दोस्त के पास इन सवालों का स्पष्ट उत्तर नहीं था। यही कांग्रेस की राजनीति की त्रासदी है। गांधीजी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने राजनीतिक जागरूकता, सत्याग्रह और अहिंसा के जरिए लोगों को जगाया। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया जिसके कारण ब्रिटिश का भारत में रहने मुश्किल हो गया। सरदार पटेल का योगदान भी कम नहीं है। स्वतंत्रता सेनानी होने के अलावा वह भारत के डेप्युटी पीएम और गृह मंत्री थे। उन्होंने ब्रिटिश से सत्ता हस्तांतरण पर बात की थी। उन्होंने भारत की 550 रियासतों को एक किया था। गांधीजी के पिताजी का नाम करमचंद उत्तमचंद गांधी, सरदार पटेल के पिता का नाम झावेरभाई पटेल और उनकी पत्नी का नाम दिवाली बा था। हालांकि पटेल की पत्नी की फोटो या उनकी डीटेल तमाम रिसर्च और कोशिशों के बाद भी उपलब्ध नहीं हो पाई है।’
जेटली ने कांग्रेस पर हमला बोलते लिखा, ‘इसका सीधा सा कारण है। दशकों के कांग्रेस के शासनकाल में कॉलोनियों, स्थानों, शहरों, पुलों, एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्टेडियमों का नाम केवल एक फैमिली के ऊपर रखा गया। इसका मकसद ‘गांधी’ नाम को भारत रॉयल्टी के तरह दिखाना था। इन्हें आधिकारिक तौर पर भारत की रसूखदार परिवार का तरह महिमामंडित किया गया।’
एक परिवार को इस तरह महिमामंडित करना और वह भी उससे ज्यादा योगदान देने वाले लोगों को भुलाकर, यह देश के लिए खतरनाक है। सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेताओं के योगदान को कम दिखाया गया है। एक ही परिवार के लोगों को लार्जर देन लाइफ के तौर पर प्रॉजेक्ट करके दिखाया गया। पार्टी ने उनके विचारधार को अपना लिया। जब पंडितजी (जवाहर लाल नेहरू) ने अपनी बेटी को अपनी विरासत सौंपी तभी उन्होंने वंशवादी लोकतंत्र की नींव रख दी।
वित्त मंत्री ने ब्लॉग में आगे लिखा है कि देश को वंशवादी राजनीति का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। तीन परिवार, जिनमें दो श्रीनगर और एक नई दिल्ली में हैं, पिछले 71 साल जम्मू-कश्मीर के भाग्य के साथ खेल रहे हैं। कांग्रेस की वंशवादी राजनीति को दूसरे दलों ने भी अपनाया। ऐसे संगठनों में आंतरिक लोकतंत्र नहीं होता है।
भारतीय लोकतंत्र की मजबूती तभी और सामने आएगी जब एक परिवार का करिश्मा को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा और लोकतांत्रिक और मेरिट पर चुने गए नेताओं को आगे बढ़ाया जाएगा। 2014 में ऐसा साबित भी हुआ है। इन चुनावों में ज्यादातर वंशवादी पार्टियां चुनाव हार गईं। 2019 का भारत 1971 के भारत से अलग है। अगर कांग्रेस पार्टी यह चाहती है कि 2019 की लड़ाई कम चर्चित माता-पिता के बेटे मोदी और अपनी माता-पिता की वजह से ही चर्चा में रहने वाले से हो तो बीजेपी खुशी-खुशी यह चुनौती स्वीकार करेगी।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article उदयपुर में चुनाव प्रचार में पहुंची महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव सुमन अग्रवाल
Next Article नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री तातेड़ का मालाड में हुआ प्रथम स्वागत, लिया शासन श्री से आशीर्वाद

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

तेरापंथ महिला मंडल, चेंबूर द्वारा हर्षोल्लास के साथ गणगौर कार्यक्रम सम्पन्न
social
May 1, 2026
“नायाब मिधा लाइव” से सजा जेएलडब्ल्यू कनेक्ट का आगाज़, आगामी आयोजन हेतु दिया आमंत्रण
social
May 1, 2026
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया आचार्य प्रवर का 53 वां दीक्षा दिवस समारोह
social
May 1, 2026
सलमान खान की कामयाबी कोई सरप्राइज नहीं, पिता सलीम खान ने पहले ही की थी भविष्यवाणी
entertainment
April 30, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?