मुंबई। अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी एवं अणुव्रत समिति, मुंबई – क्षेत्र ठाणे के संयुक्त तत्वावधान में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत सातवें दिवस पर *जीवन विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिनांक 7 अक्टूबर 2026, बुधवार* को E.L.S.M.H. High School, शिवाजी पथ, तलावपाली के पास, ठाणे (पश्चिम) में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति, क्षेत्र ठाणे के पदाधिकारियों द्वारा अणुव्रत गीत के संगान से हुआ।
क्षेत्र ठाणे के संयोजक श्री भंवर दास वैष्णव जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बच्चों को संबोधित किया कि सुबह जल्दी उठना, व्यायाम करना, बड़ों का सम्मान करना और क्रोध पर नियंत्रण रखना ही सच्चा जीवन विज्ञान है।
E.L.S.M.H. स्कूल के श्री सुनील भास्कर पाटिल ने बच्चों को जीवन विज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं प्रेक्षाध्यान का अभ्यास करवाया।
अणुव्रत समिति, ऐरोली के संयोजक श्री विनोद जी मेहता ने मराठी भाषा में बच्चों को प्रेरणा देते हुए कहा कि नशा हिम्मत का होना चाहिए, नशा परिवार को तोड़ने का नहीं, बल्कि जोड़कर रखने का होना चाहिए। नशा गद्दारी का नहीं, श्रेष्ठ बनने का होना चाहिए।
अणुव्रत समिति, मुंबई के अध्यक्ष श्री रमेश जी सोनी ने कहा कि जीवन विज्ञान का अर्थ है – जीने की कला का विज्ञान। यह हमें सिखाता है कि कैसे स्वस्थ रहें और मन को शांत रखें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मनोहर जी कच्छारा ने बच्चों को अणुव्रत के 11 नियमों की जानकारी दी। जाॅन प्रभारी श्रीमती विमला हिरण ने कहा कि जीवन विज्ञान के तीन मुख्य स्तंभ हैं – स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ भाव। श्रीमती प्रिया जी मुथा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन विज्ञान कोई विषय नहीं, बल्कि जीने की कला है।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। रमेशजी सोनी , मनोहर जी कच्छारा , भंवर दास वैष्णव जैन, श्री विनोद जी मेहता , श्रीमती विमला हिरण , प्रिया मुथा, राकेश जी मुथा, प्रतिक्षा नासरे, रश्मि कुलकर्णी, हर्षा पाने, प्रियंका तलेकर।समस्त कार्यक्रम अणुव्रत समिति, मुंबई – क्षेत्र ठाणे के कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह – सातवाँ दिवस: जीवन विज्ञान दिवस का आयोजन

