नई दिल्ली:दिग्गज पहलवान बजरंग पूनिया ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित विवादास्पद चयन ट्रायल में आसान जीत के साथ विश्व चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया। यह चैंपियनशिप टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाइंग इवेंट भी है। कजाखस्तान में प्रतियोगिता 14 सितंबर से होगी।
हरफूल को हराया : बजरंग को 65 किग्रा वर्ग में चुनौती देने के लिए सिर्फ नेशनल चैंपियन हरफूल सिंह पहुंचे। वह भी बाउट के बीच चोटिल होने के कारण मुकाबले से हट गए। उस समय बजरंग 7-0 से आगे थे।
ट्रायल से रोकने का आरोप : पहलवान श्रवण ने आरोप लगाया कि बजरंग के लिए फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल में भाग नहीं लेने दिया। इसके अलावा, इस वर्ग में बजरंग समेत कुल पांच पहलवान थे, लेकिन ट्रायल देने सिर्फ एक पहलवान ही पहुंचा। 22 साल के श्रवण ने कहा कि वह 65 किलोग्राम भारवर्ग में लड़ते हैं, लेकिन ट्रायल्स में उनसे 61 या 57 किलोग्राम भारवर्ग में लड़ने को कहा गया। इन दोनों भारवर्गों में से 61 किलोग्राम की ओलंपिक में जगह नहीं है। श्रवण ने कहा, “मैंने ट्रायल्स में उतरने की अपील की थी और फिर मुझे बताया गया कि मेरा नाम 65 किलोग्राम भारवर्ग में रखा गया है। लेकिन दो दिन पहले मुझे बताया गया कि मैं 57 या 61 में लड़ सकता हूं न कि 65 किलोग्राम में।”
श्रवण ने कहा कि उन्हें 65 किलोग्राम में न लड़ने देने के पीछे कोई कारण नहीं बताया गया। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के सचिव विनोद तोमर ने इस बात से साफ मना किया है कि श्रवण से किसी और भारवर्ग में लड़ने को कहा था। तोमर ने हालांकि यह माना कि श्रवण को यह सलाह दी गई थी कि अगर वह 57 किलोग्राम में लड़ने की हामी भरते हैं तो उनके ट्रायल्स में उतरने की ज्यादा संभावना है।
फेडरेशन ने सभी आरोप नकारे : भारतीय कुश्ती महासंघ के संयुक्त सचिव विनोद तोमर ने आरोप नकारते हुए कहा कि श्रवण ने ना तो नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया और ना ही कैंप में भाग लिया। उसने फेडरेशन से ट्रायल में भाग लेने की अनुमित मांगी थी लेकिन उसकी कोई उपलब्धि नहीं है इसलिए उसे मंजूरी नहीं दी गई। वहीं, बजरंग के वर्ग में जो अन्य तीन पहलवानों ने चोटिल होने के कारण अपना नाम वापस ले लिया था।
पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा, “मुकाबला पूरे छह मिनट तक चलता तो मेरे लिए और यहां आए प्रशंसकों के लिए यह अच्छा होता। इस तरह से मुकाबला खत्म होना ठीक नहीं है। किसी पहलवान के चोटिल होने से बहुत बुरा लगता है। हम सब कड़ी मेहनत करते हैं और मुझे उसके लिए बुरा लग रहा है।”
रवि और सुमित भी क्वालिफाई
57 किग्रा वर्ग में रवि दहिया ने फाइनल में राहुल को 12-2 से हराया। सुमित मलिक ने भी कजाखस्तान के लिए टिकट हासिल किया। उन्होंने 125 किग्रा में सतेन्द्र को 3-0 से हराया।
गीता फोगाट, साक्षी मलिक के पति हारे
महिला पहलवान गीता फोगाट के पति पवन को 86 किग्रा वर्ग में दीपक पूनिया ने 5-0 से पटखनी दी। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान को मौसम खत्री ने 97 किग्रा वर्ग में 8-1 से शिकस्त दी।
सुशील का ट्रायल अगले माह, प्रवीण से भिड़ंत
फेडरेशन ने बताया कि दिग्गज पहलवान सुशील कुमार 2020 ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए तैयार हैं। हालांकि, आज सुशील का भी 74 किग्रा वर्ग में ट्रायल होना था। लेकिन उन्हें चुनौती देने वाले पहलवान प्रवीण राणा और जितेंदर चोटिल हैं और इस कारण यह ट्रायल आगे बढ़ा दिया गया है। अब यह ट्रायल अगस्त के दूसरे हफ्ते में होगा।
विवादों के बीच बजरंग को मिला विश्व चैंपियनशिप का टिकट

