नयी दिल्ली। कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं ने गुरुवार को संसद भवन परिसर के मकर द्वार के बाहर अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि इसमें किसानों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। गठबंधन के नेताओं ने हाथों में बैनर तथा तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तथा क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के नेता एन के प्रेमचंद्रन तथा अन्य नेताओं ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की और कहा कि यह समझौता किसान हितों के खिलाफ है। संसद भवन में प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के प्रावधानों के खिलाफ किसानों के भारत बंद के आह्वान के साथ भी एकजुटता व्यक्त की।
इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार की नीतियों के कारण देश के मजदूर और किसान अपने हक की लड़ाई के लिए सड़कों पर हैं और वह इस संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे। श्री गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश का मेहनतकश वर्ग अपने साथ हो रहे अन्याय से दुखी हैं और यही वजह है कि आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी।इसी तरह किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है। श्री गांधी ने कहा “जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया। क्या मोदीजी अब सुनेंगे या उन पर किसी ‘ग्रिप’ की पकड़ बहुत मज़बूत है। मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूँ।”
विपक्ष का भारत अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में संसद भवन में प्रदर्शन
Highlights
- मजदूर-किसान की लड़ाई में मजबूती से खड़ा रहूंगा : राहुल गांधी

