सियोल:उत्तर कोरिया ने किम जोंग-उन की निगरानी में लंबी दूरी वाले अनेक रॉकेट लॉन्चर्स और सामरिक हथियारों का परीक्षण किया। ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि यह अभ्याय शनिवार को किया गया। उत्तर कोरिया ने प्रक्षेपास्त्रों का भी परीक्षण किया जो एक वर्ष से अधिक समय में प्योंगयोंग द्वारा प्रक्षेपित पहली छोटी दूरी वाली मिसाइल हो सकती है।
प्योंगयोंग की इस कार्रवाई से प्रतीत होता है कि वह लंबित पड़ी परमाणु वार्ता को लेकर वॉशिंगटन पर दबाव बनाना चाहता है। केसीएनए ने कहा, ”इस अभ्यास का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र और पूर्वी मोर्चे पर लंबी दूरी वाले रॉकेट लान्चरों और सामरिक हथियारों की काम करने की क्षमता एवं हमला करने की सटीकता का अनुमान लगाना था।” उसने कहा कि यह अभ्यास पूर्वी समुद्र में किया गया, जिसे जापान का सागर भी कहा जाता है।
इससे पहले उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर में कम दूरी तक मार करने वाली कई मिसाइलों का प्रक्षेपण किया। दक्षिण कोरिया के ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) की ओर से बयान जारी कर यह जानकारी दी गई। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, जेसीएस ने कहा कि अज्ञात मिसाइलों को सुबह 9.06 और 9.27 बजे के बीच उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से लगे होदो प्रायद्वीप के वोनसन के पास से प्रक्षेपित किया गया।
जेसीएस ने कहा, “हमारी सेना उत्तर कोरिया की गतिविधियों को करीब से देख रही है और उसने अमेरिका के साथ करीबी समन्वय में हालात पर पूरी नजर बना रखी है।” परमाणु वार्ता गतिरोध के मद्देनजर इस परीक्षण को अमेरिका पर दबाव बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
जेसीएस के अनुसार, मिसाइलों ने पूर्वी सागर में 70 से लेकर 100 किलोमीटर तक की दूरी की उड़ान भरी। यह परीक्षण ऐसे समय किया गया है जब अंतरार्ष्ट्रीय समुदाय कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बातचीत कर रहा है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले नवंबर 2017 में मिसाइल का परीक्षण किया था।
उत्तर कोरिया ने टेस्ट किए अनेक रॉकेट लॉन्चर्स, अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश

