तेहरान:ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने बृहस्पतिवार (23 अप्रैल) को चेताया कि उसने अपने बलों को अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाने का आदेश दिया है। ईरान की ओर से यह धमकी एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरानी जहाजों को डुबोने को लेकर किए गए ट्वीट के बाद आई है।
इसके इतर ईरान ने दोनों देशों के बीच कई महीनों से बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप की धमकी पर आपत्ति दर्ज करने के लिए यहां अमेरिकी मामलों को देखने वाले स्विट्जरलैंड के राजदूत को भी तलब किया। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के कारण दोनों देशों के बीच अस्थायी तौर पर तनाव में कमी दिखी है।
सरकारी चैनल से बातचीत में गार्ड के जनरल हुसैन सलामी ने चेतावनी दी कि उनकी सेनाएं ”किसी भी कार्रवाई का निर्णायक, प्रभावी और त्वरित जवाब देंगी।” सलामी ने कहा, ” हमने समुद्र में अपनी नौसैन्य इकाइयों को आदेश दिया है कि अगर अमेरिकी नौसेना का कोई भी युद्धपोत अथवा सैन्य टुकड़ी हमारे वाणिज्यिक जहाजों अथवा युद्धपोतों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं तो उन्हें आवश्यक तौर पर ऐसे (अमेरिकी) युद्धपोतों और नौसैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाना चाहिए।”
ट्रंप ने नौसेना को ईरान के जहाज नष्ट करने के आदेश दिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (22 अप्रैल) को कहा था कि अगर ईरान के जहाज अमेरिकी जहाजों को परेशान करें तो नौसेना ईरान के जहाज को नष्ट कर दे। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, “मैंने अमेरिकी नौसेना से कहा है कि अगर ईरान के जहाज हमारे जहाजों को परेशान करें तो आप उनके जहाजों को नष्ट कर दें।”
उप रक्षा सचिव डेविड नोरक्विस्ट ने कहा, “राष्ट्रपति ने ईरान को महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हमारे जहाज आत्मरक्षा के अधिकार को बनाए रखते हैं और लोगों को आत्मरक्षा के निहित अधिकार को समझने के लिए अपनी बातचीत में बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।” जनरल जॉन हाइटन ने भी कहा कि सेना कानून के दायरे में कमांडर के दिशार्देश का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए साफ चेतावनी है कि वह किसी भी कीमत पर रेखा पार नहीं करें और हमें उकसाए नहीं।

