मुंबई:पश्चिम रेलवे ने अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 52 सदस्यों वाले दल को थाइलैंड की सैर के लिए भेजा है। भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब गैंगमैन, ट्रैकमैन या कोई सफाईकर्मी रेलवे द्वारा विदेश की सैर करने के लिए भेजा गया हो। शनिवार को रवाना हुआ ये दल पांच दिन की सैर करके मुंबई लौटेगा।
पश्चिम रेलवे ने टूर ऐंड ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक से थाइलैंड की यात्रा के लिए टाई-अप किया। थॉमस कुक ने इन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए रियायती दरों में रेलवे को पैकेज ऑफर किया। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ होगा जब स्टाफ वेलफेयर फंड का इस्तेमाल कर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को किसी विदेशी टूर पर भेजा गया हो। इस टूर के लिए कर्मचारियों से कुल खर्च का केवल 33 प्रतिशत हिस्सा लिया गया। रेलवे की ओर से टी-शर्ट, कैप और ट्रॉली बैग देकर इन्हें रवाना किया गया।
थाइलैंड की सैर पर निकले इस टूर में 20 महिला, 28 पुरुष कर्मचारी शामिल हैं, जबकि 4 अन्य टूर कॉर्डिनेटर हैं। 25 नवंबर से 29 नवंबर तक इन लोगों को बैंकॉक और पटाया की सैर कराई जाएगी। इसमें थाइलैंड के लगभग सभी मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन को शामिल किया गया है। टूर में शामिल अधिकारी ने बताया कि टीम के किसी भी सदस्य ने इससे पहले विदेशी यात्रा नहीं की थी, इनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ए. के. गुप्ता ने बताया, ‘मुंबई के कठिन हालात में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी स्टाफ को विदेशी दौरे पर भेजने का काम पहली बार हुआ है। इनमें से कई स्टाफ का कहना था कि उन्होंने जीवन में कभी पासपोर्ट बनाने के बारे में भी नहीं सोचा था। विदेशी यात्रा उनके लिए सपना सच होने के समान है।’
थाइलैंड की सैर पर निकले रेलवे कर्मचारी

