ठाणे। युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री अनंत कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन माजीवाड़ा ठाणे में दंपति आराधना अनुष्ठान का आयोजन हुआ। इस अनुष्ठान में 108 दंपत्ति ने अपनी सहभागिता दर्ज की। दंपतियों का ड्रेस कोड पुरुष वर्ग में सफेद एवं महिला वर्ग में ग्रीन रखा गया था ।लगभग 1 घंटे तक मुनि श्री अनंत कुमार जी ने विविध मंत्र एवं मुद्राओं के माध्यम से दंपति आराधना का अनुष्ठान करवाया। सामूहिक रूप से चले इस अनुष्ठान में भवन का पूरा हॉल भर गया था सामूहिक जाप का मंत्र अनुष्ठान का एक एक विशिष्ट माहौल देखने को मिल रहा था ।
मुनि श्री अनंत कुमार जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में फरमाया कि आज का यह दंपत्ति आराधना का जो अनुष्ठान किया गया इनके पीछे मुख्य चार उद्देश्य है सम्यक्त की दृढ़ता ,पारिवारिक सौहार्द ,आरोग्ग बोहिलाभं एवं अंतरायक्षय इन उद्देश्यों के साथ आज हमने विविध मंत्र जाप का सामूहिक अनुष्ठान किया है। वास्तव में देखे तो सबसे आवश्यक है पारिवारिक शांति। जिस परिवार में पारिवारिक शांति होती है उस परिवार में तनाव दूर रहता है, बच्चों में सद्संस्कार पनपते हैं, शारीरिक रोगों से व्यक्ति बच सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करता है और आध्यात्मिक दृष्टि से भी उत्थान करता है और जहां पर पारिवारिक अशांति है वहां पर लक्ष्मी भी अपना निवास करना पसंद नहीं करती ।
इसलिए हर परिवार में शांति सौहार्द बना रहे इस तरफ हर दंपति को विशेष ध्यान देना है ।धर्म हमें साथ में कैसे रहना यही सिखाता है। इस अनुष्ठान में मुनि श्री के ठाणे चतुर्मासिक क्षेत्र के संबंधित क्षेत्र उल्हासनगर, डोंबिवली, भांडुप, मुलुंड ,एरोली ,कांजूरमार्ग ,कोपर खैराने ,मुंब्रा के परिवारों ने भी अपने सहभागिता दर्ज कराई ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में तेरापंथ सभा के साथ-साथ तेरापंथ युवक परिषदें कोपरी ,सिटी, सेंट्रल, वागले एवं महिला मंडल की टीम का विशेष योग रहा। आज श्रीमती सीमा मेहता ने 15 दिनों की तपस्या का प्रत्यख्यान भी किया ।
ठाणे में दंपत्ति आराधना अनुष्ठान का आयोजन

