ठाणे। साध्वी श्री आणिमाश्रीजी एवं साध्वी मंगलप्रज्ञाजी के सानिध्य में तेरापंथ भवन के रमणीय, विशाल हॉल में ठाणा तेरापंथी सभा द्वारा एक दिवसीय बाल संस्कार निर्माण शिविर का सृजन ‘आर्ट ऑफ सक्सेस’ का आयोजन किया गया। जिसमे लगभग सौ ज्ञानार्थी एवं दो सौ प्रशिक्षिकाओ की उपस्थिति रही। मुंबई ज्ञानशाला की आंचलिक संयोजिका सुमन चपलोत एवं सह संयोजिका अनिता परमार का कार्यशाला की निष्पत्ति में अच्छा श्रम मुखर हुआ। इस कार्यक्रम में मुंबई सभाध्यक्ष नरेंद्र तातेड़, अभा तेयुप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भालावत, सभा मंत्री विजय पटवारी, सभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद कच्छारा, तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष के.एल.परमार, ठाणा सभाध्यक्ष देवीलाल श्रीश्रीमाल, जितेंद बरलोटा, ताराचंद बांढ़िया, अर्जुन चौधरी, नवरत्न गन्ना, महिला मंडल मुंबई अध्यक्षा भाग्यश्री कच्छारा, सुधा सियाल, सरोज सिंघवी, राजश्री कच्छारा, प्रायोजक परिवार से धवल सिंघवी, सुशीला सिंघवी, प्रियांशी सिंघवी की गरिमामय उपस्थिति रही। प्रातः आठ बजे से शाम पांच बजे तक चली इस कार्यशाला में बच्चो ने सृजन के नव चित्र उकेरकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
साध्वी आणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा ये शिविर जीवन रूपी उर्वरा में संस्कार रूप बीजो का वपन करके जीवन वाटिका को सरसज्ज बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रखते है और एक सशक्त वातावरण का निर्माण करते है। ये शिविर संस्कार सृजन की दिशा में उठा एक अनूठा कदम है। विवेक चेतना को जगाने वाला है। सम्पूर्ण जीवन को नया परिवेश प्रदान कर सकता है। ऐसे उपक्रमों के द्वारा विधायक भावों का सृजन होता है। सुमन, अनिता की टीम ने अच्छा श्रम किया है। ठाणा ज्ञानशाला परिवार ने भी अच्छी मेहनत की है। तेरापंथी सभा ठाणा का व्यवस्था कौशल अनूठा है। सकारात्मक सोच के साथ कार्यक्रम को कार्यान्वित करते है। चारो तेयुप व चारो महिला मंडल ने भी व्यवस्था पक्ष को सुदृढ़ता प्रदान की है। सभी के श्रम की निष्पत्ति है शिविर का समायोजना। समय समय पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए ताकि बच्चो में आजीवन शिविर के संस्कार रहे।
साध्वी मंगलप्रज्ञाजी ने कहा ज्ञानशाला संस्कारो की पाठशाला है। संस्कारो के संवर्धन व अभ्युदय की प्रयोगशाला है। आज बच्चो का आईक्यू तो बहुत बढ़ा है परंतु उनका ई क्यू और एस क्यू बढ़ाने की जरूरत है। इन शिविरों व संस्कार वर्धक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चो के ई क्यू व एस क्यू लेबल को बढ़ाया जा सकता है। साध्वी श्रीजी ने वाइटल एनर्जी को भीतर ले जाने के लिए मेडिटेशन का प्रयोग करवाया।
साध्वी सुधाप्रभाजी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए कहा संस्कार एक ऐसी अप्रकंप दीपशिखा है, जो पूरे जीवन को ज्योतिर्मय बना सकती है।
आंचलिक संयोजिका सुमन चपलोत ने कहा हम नमन करते है साध्वी श्रीजी के चिंतन को जिन्होंने बच्चो के शिबिर को प्रेरणा दी। बच्चो व प्रशिक्षिकाओ की विशाल उपस्थिति देखकर मन प्रफुल्लित है। साध्वी जी के प्रेरणा, प्रशिक्षिकाओ की मेहनत एवं ठाणा सभा के व्यवस्था पक्ष की सुदृढ़ता से ही ऐसा शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ है।
मुंबई सभाध्यक्ष नरेंद्र तातेड़, मुंबई महिलामंडल अध्यक्षा भाग्यश्री कच्छारा, ठाणा सभाध्यक्ष देवीलाल श्रीश्रीमाल, बी सी जी भालावत, विनोद कच्छारा, के एल परमार, सुशीला सिंघवी, भारती सिंघवी ने अपने भावों की सारगर्भित प्रस्तुति दी।
पार्थ दुग्गड़, ललिता दुग्गड़ एवं मिष्टी बाफना बाल कलाकारों ने सुमधुर मंगल संगान करके सबका मन मोह लिया।
डोंबिवली ज्ञानशाला के बच्चों ने फैशन शो की शानदार प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी। मलाड ज्ञानशाला के बच्चो ने नमस्कार महामंत्र के प्रभाव पर नाटिका प्रस्तुत की। प्रथम सत्र का प्रारंभिक संचालन सभा मंत्री जितेंद्र बरलोटा ने किया। प्रायोजक परिवार सुशीला-चिमन सिंघवी, धवल-प्रियांशी सिंघवी का ठाणा सभा मे सम्मान किया गया।
आर्ट ऑफ एडिक्शन चित्रकला प्रतियोगिता
मुंबई सभा के तत्वाधान में चित्रकला प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई ज्ञानशाला के लगभग पंद्रह सौ बच्चो ने भाग लिया। 1500 पेंटिंग की आर्ट गैलरी भी लगाई गई। सुंदर गैलरी का अवलोकन के श्रोता भावविभोर हो गए। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान चार्मी धाकड़, विधि राठोड व दिव्या कोठारी रहे। द्वितीय स्थान जैनिल मादरेचा, जाह्नवी जैन, श्रेया जैन, दीक्षा चपलोत रहे। तृतीय स्थान पर विजयश्री डागलिया, दिया मेहता, जैनिल परमार, हवी जैन ने प्राप्त किया। इक्कीस प्रतियोगियों को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं को तेरापंथी सभा ठाणा द्वारा सम्मानित किया गया।
प्रतिक्रमण एवं पच्चीस बोल परीक्षा विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम में श्रीमती अनिता परमार एवं राजश्री कच्छारा ने प्रतिक्रमण एवं पच्चीस बोल परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले ज्ञानार्थियों के नामो की घोषणा की। प्रतिक्रमण परीक्षा में प्रथम स्थान नेहल कोठारी, दिशा गोखरू, मीत सिंघवी, द्वितीय स्थान हितार्थ कोठारी, मनस्वी परमार, शुभ जैन, तृतीय स्थान निशि सियाल ने प्राप्त किया।
पच्चीस बोल परीक्षा में प्रथम स्थान गौरव बोरदिया, दिशा गोखरू, यशवी सिंघवी, नेहल कोठारी, चिंतन कच्छारा, रोमिल त्योठा, पलक डांगी, तंजील चपलोत, भव्य बोहरा द्वितीय स्थान लक्ष कोठारी, शुभ चपलोत, प्रगती बम्ब, तन्मय खोखावत, सम्यक भरट तृतीय स्थान हित डागलिया, कृश बडाला, निशांक जैन, ऋषिका परमार, अर्हम कोठारी, कल्पित रांका, रिया गादिया, विहान बाफना, हर्ष चौरड़िया व ऋषभ जैन ने प्राप्त किया। प्रिया मुथा ने संचालन किया।
बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सबका मन मोहा
नेरुल, चेम्बूर, डोंबिवली, काजूपाडा, कांदिवली, दक्षिण मुंबई, मलाड ज्ञानशाला के बच्चो ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोह लिया। सभी प्रस्तुतियां बड़ी प्रेरणादायक थी। वंश ढालावत ने चार्ली चापलीन का रोल अदा कर एवं जादूगर ने बच्चो का मनोरंजन किया। मोटिवेटर चिराग पामेचा ने बच्चो को भावुक प्रस्तुति दी।
कार्यकर्ताओं के श्रम से शिविर हुआ सफल
निर्मल श्रीश्रीमाल, देवीलाल श्रीश्रीमाल, जितेंद बरलोटा, कमलेश दुग्गड़, निर्मल ओस्तवाल, आनंद भंसाली, महेंद्र पुनमिया, सुभाष हिंगड़, सजंय कातरेला, भाविन भंसाली, चिराग पामेचा, प्रवीण डांगी, विकास आच्छा, विनोद कोठारी, ललित कोठारी, विनोद बडाला, कमलेश चंडालिया, लक्ष्मीलाल सिंघवी, नरेश बाफना, विमल दुग्गड, दीपेश नोटावट, मुंबई ज्ञानशाला परामर्शक अंजना सिंघवी, शांता कोठारी, संजू दुग्गड़, अनिता सियाल, चंचल परमार, विमला हिरण, अंजु चौधरी, रिंकू परमार, नयना धाकड़, अनिता धारिवाल, भारती सिंघवी, सिमा सांखला, प्रिया मुथा, विनीता मेहता, मीनाक्षी श्रीश्रीमाल का सराहनीय सहयोग रहा। सभा ठाणा एवं भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट ने व्यवस्थापन को सुघड़ता प्रदान की। कन्यामंडल संयोजिका विश्वा बरलोटा, राशि श्रीश्रीमाल, श्रद्धा कोठारी व पूरी टीम ने आर्ट गैलरी को आकर्षक रूप देने में भरपूर मेहनत की। आंचलिक संयोजिका सुमन चपलोत, सहसंयोजिका अनिता परमार के निर्देशन में पूरी टीम एवं ठाणा ज्ञानशाला विभाग ने अच्छा श्रम कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

