पंकज श्रीवास्तव/पटना। कल यानि रविवार 5 मई को कोटा से छात्रों को लेकर एक विशेष ट्रेन बिहार चली है। इस ट्रेन में वैशाली, मुजफ्फपुर और सीतामढी के छात्र हैं जो कोटा राजस्थान के अलग-अलग कोचिंग इंस्टीट्यूटों में पढ़ते हैं। लॉकडाउन के बाद कुछ छात्रों के परिजन भी वही फंस गये थे, जो ठीक उसके पहले अपने बच्चों के पास गये थे। इस मुद्दे को लेकर बिहार सत्तारुढ दल से लेकर विपक्षी दलों ने जमकर राजनीति किया और अब अंनत: मीडिया के मुखर होने से सरकार झुकी और उनके वापसी का रास्ता साफ हुआ।
फिलहाल कल जो ट्रेन कोटा से चली है। इसमें बिहार के सिर्फ 3 जिलों के ही छात्र हैं। वैशाली सीतामढी और मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के छात्रों के लिए एस-1 से एस-9 तक कोच अलर्ट है। सीतामढी के छात्रों के लिए एस-10 से एस-16 तक का कोच निर्गत है वहीं वैशाली जिला के छात्रों के लिए एस-17 से एस-22 तक का कोच। सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए एक कोच में सिर्फ 54 छात्रों को बर्थ अलर्ट किया गया है। कोटा ये ट्रेन कल शाम 9 बजे चली है। कानपुर में सुबह 6 बजे तकनीकी ठहराव था। जहां पहले से ही डाक्टरों की टीम मौजूद थी कि अगर किसी छात्र की तबियत खराब होती है तो प्रारंभिक उपचार के बाद वहीं के अस्पताल में भर्ती कर दिया जायेगा, लेकिन ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कोटा में जहाँ इनके इंस्टीट्यूट ने टिकट, स्टेशन पहुँचाने का साधन और रास्ते का नास्ता पानी का उपलब्ध कराया वही मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर रेलवे की ओर से भेज बिरयानी की पाँकेट मुहैया करायी गयी है। मुजफ्फरपुर रेल स्टेशन पर इनकी थर्मल स्केनिंग होगी। ट्रेन दोपहर 2 बजे यहाँ पहुँचेगी। यहाँ से बस द्वारा स्थानीय एमआईटी मुजफ्फपुर कैंपस ले जाया जायेगा। जहाँ इनके खाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कराया गया है। मुजफ्फरपुर डीएम ने होटल निलम से 1200 खाने का पाकेट तैयार रखने को कहा है। कागजी कारवाई के बाद इन्हें वापस अपने-अपने घर भेज दिया जायेगा।
तीन जिलों के छात्रों व परिजनों को लेकर कोटा से बिहार निकली स्पेशल ट्रेन

