आगरा:विश्व धरोहर ताज महल की सुरक्षा खतरे में है। ताज के येलो जोन में लगे सभी 140 सीसीटीवी कैमरे सर्वर खराब होने की वजह से काम नहीं कर रहे हैं। फिलहाल ताजमहल की सुरक्षा गश्त के सहारे ही चल रही है। ताजसुरक्षा के अधिकारियों ने इस संबंध में आला अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है, लेकिन ताज की सुरक्षा का मामला तीन महीने से अटका हुआ है।
ताजमहल की सुरक्षा को तीन घेरों में बांटा गया है। ताज के अंदर का हिस्सा रेड जोन में आता है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले है। इसके अलावा ताज के बाहर 500 मीटर का दायरा और उससे आगे का तीसरे हिस्से की सुरक्षा पुलिस के जिम्मे है। ताज के येलो जोन में सुरक्षा को देखते हुए 140 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ताज के पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी गेट पर पीटीजेड कैमरे (360 डिग्री पर घूमने वाला कैमरा) लगे हैं। इसके अलावा हर महत्वपूर्ण स्थान पर स्थाई कैमरे लगे हैं। शिल्पग्राम और पश्चिमी गेट की पार्किंग की ओर वाले रोड पर फुटपाथ पर कैमरे लगे हैं, जो गाड़ियों के नंबरों पर निगरानी रखते हैं। पिछले तीन महीने से यह कैमरे खराब पड़े हैं। ताज की सुरक्षा पुलिस की गश्त के सहारे है।
महंगी पड़ सकती है यह खराबी: ताज की सुरक्षा लगे कैमरों का सर्वर खराब होना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि ताज के सुरक्षा घेरे में कोई वारदात होती है, तो पुलिस के पास या ताज सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों के हाथ खाली रहेंगे। सीसीटीवी के नाम पर सभी 140 कैमरे खिलौने बने हुए हैं।
कहां-कहां लगे हैं कैमरे: ताज महल के तीन ओर सुरक्षा का घेरा है। चौथी ओर यमुना नदी है। शिल्पग्राम की पार्किंग से कैमरे शुरू हो जाते हैं। इसके बाद पूर्वी गेट, पाठक प्रेस, दक्षिण गेट, आरके स्टूडियो, पश्चिमी गेट और यहां से बाहर निकलने वाले पूरे रास्ते पर सीसीटीवी कैमरों से ही निगरानी रखी जाती है। इसके अलावा ताज के तीनों गेटों पर पीटूजेड कैमरे लगे हैं, जो चारों ओर की हरकत को कैद कर सकते हैं।
आठ मार्च से बंद है सर्वर: आठ मार्च 2019 से ताज की सुरक्षा के सभी कैमरे ठप हैं, क्योंकि सर्वर का रखरखाव नहीं हो पा रहा है। सर्वर में दिक्कत आते ही सीओ ताज सुरक्षा ने महकमे के आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया था। इसके बाद सर्वर को ठीक कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। करीब 85 लाख रुपये का है खर्चा: सीओ ताज सुरक्षा मोहसिन खान ने बताया कि सर्वर को ठीक कराने की अनुमानित लागत करीब 85 लाख रुपये आंकी गई है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन चुनाव के कारण अभी प्रस्ताव पास नहीं हुआ है।
रखरखाव पर आकर अटक जाती है बात
फायर ब्रिगेड विभाग में काफी समय पहले एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म लैडर खरीदा गया था। इसकी कीमत करीब 3.5 करोड़ है। इसे जर्मन से खरीदा गया था। 42 मीटर की सीढ़ी से लैस है। 10 से 12 मंजिल पर लगी आग को बुझाने में सक्षम है, लेकिन रखरखाव के लिए इंजीनियर न मिलने के चलते खड़ा हुआ है।
ताज महल की सुरक्षा के लिए तीनों ओर करीब चार करोड़ की लागत से उच्च गुणवत्ता के 140 कैमरे और उनके लिए एक सर्वर बनाया गया था, लेकिन रखरखाव के चलते तीन महीने से सभी कैमरे ठप पड़े हुए हैं। सभी कैमरे काफी दूर खड़ी गाड़ी या व्यक्ति की स्पष्ट पहचान करने में सक्षम हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
- 140 कुल कैमरे लगे हैं ताज के येलो जोन में
- 09 कैमरे पीटीजेड हैं, जो चारों ओर घूम सकते हैं
- 131 कैमरे स्थाई है, जो एक ही दिशा में नजर रखते हैं
- 06 एलईटी टीवी (54 इंच) से लोगों पर नजर रखते हैं पुलिस कर्मी
- 30 कैमरे (लगभग) तीन से चार फिट की ऊंचाई पर हैं, जो वाहनों के नंबरों पर नजर रखते हैं
देश में जारी था अलर्ट, खराब थे ताज के कैमरे
कुछ वर्ष पहले आतंकी हमलों की आशंकाओं के कारण आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियों ने देश के प्रमुख 16 महानगरों को अति संवेदनशील मानते हुए अलर्ट जारी किया है। इनमें आगरा और ताज महल का खासतौर पर जिक्र किया गया था। तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रितेंदर सिंह ने सुरक्षा को बढ़ाने के आदेश दिए थे, लेकिन उस समय ताज की सुरक्षा में लगे 17 सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके थे।
चोरी तक हुए हैं कैमरे
सुरक्षा की पड़ताल करने पर पता चला कि आरके स्टूडियो पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चुरा लिया गया था। हालांकि कैमरों के चोरी होने की घटना से सुरक्षा अधिकारियों ने इनकार किया है। वहीं कई को तोड़ने के भी मामले सामने आए थे।
निजी सीसीटीवी कैमरों के सहारे सुरक्षा
ताज की सुरक्षा के सभी 140 कैमरे तो खराब पड़े हैं। ऐसे में यदि कोई वारदात होती है,तो पुलिस कहां जाएगी। बात थोड़ी हास्यास्पद है, लेकिन पुलिस को भी दुकानों और निजी संस्थानों पर लगे कैमरों के सहारे ही चलना पड़ेगा।
येलो जोन में हो चुकी हैं चोरियां
येलो जोन में कई वार चोरी की वारदातें भी हो चुकी हैं। कुछ माह पहले ताज के पूर्वी गेट से मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक मनी एक्सचेंजर की दुकान से चोर शटर काटकर हजारों रुपये की चोरी करके ले गए थे। घटना में पुलिस के पास सिर्फ वही फुटेज थे, जो दुकान में लगे कैमरे में थे। बाहर के कैमरे खराब पड़े थे। इसके अलावा एक रेस्टोरेंट में भी चोरी हो चुकी है।

