मुंबई:केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यस बैंक घोटाला मामले में डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल वधावन और आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के प्रवर्तक धीरज वधावन को महाबलेश्वर से हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने रविवार (26 अप्रैल) को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि वधावन बंधु यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर एवं अन्य के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी आरोपी हैं। एजेंसी का आरोप है कि उनके खिलाफ सात मार्च को मामला दर्ज होने के बाद दोनों फरार चल रहे थे।
दोनों को इस महीने की शुरुआत में सतारा पुलिस ने लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में हिरासत में लिया था। उन्हें जिला प्रशासन ने महाबलेश्वर में पृथक रखा हुआ था। केन्द्रीय जांच ब्यूरों ने सतारा जिला प्रशासन को लिखा था कि उससे अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए बिना वधावन सदस्यों को छोड़ा नहीं जाए।
कपिल वाधवान और उनके भाई धीरज सीबीआई हिरासत में: महाराष्ट्र के गृह मंत्री
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले के आरोपियों डीएचएफएल के प्रवर्तकों- कपिल और धीरज वाधवान को हिरासत में ले लिया है और स्थानीय पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया। दोनों ही धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत वित्तीय अनियमितताओं के आरोपी हैं और 21 फरवरी से जमानत पर बाहर थे। इस माह के प्रारंभ में जब वे लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए मुम्बई से महाबलेश्वर जा रहे थे, तब उन्हें पकड़ लिया गया था।
मंत्री ने ट्वीट किया, ”सीबीआई की एक टीम ने कपिल और धीरज वाधवान दोनों को हिरासत में ले लिया है। सतारा पुलिस ने उन्हें जरूरी सहायता पहुंचाई और लिखित अनुरोध पर उन्हें मुम्बई तक के लिए 1+3 गार्ड का एस्कार्ट वाहन भी उपलब्ध कराया। गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है और कानून सभी के लिए बराबर है। सतारा में इन दोनों आरोंपियों की पृथक-वास अवधि पूरी हो जाने के बाद देशमुख ने सीबीआई से उन्हें हिरासत में लेने का अनुरोध किया था।

