नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव तथा पश्चिम बंगाल की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव 16 अक्टूबर 2026 को कराया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की विधान परिषदों की कुल 28 सीटों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम जारी किया है। इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा।
राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होंगे। उत्तराखंड में एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराया जाएगा। वहीं पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक रिक्त सीट को भरने के लिए उपचुनाव होगा। इस तरह तीन राज्यों की कुल 12 राज्यसभा सीटों पर एक ही दिन मतदान कराया जाएगा।
राज्यसभा चुनाव में आम मतदाता सीधे मतदान नहीं करते। संबंधित राज्यों के निर्वाचित विधायक इन चुनावों में मतदान करते हैं। इसलिए इन चुनावों में विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या और उम्मीदवारों के पक्ष में उपलब्ध विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण होता है।
विधान परिषद की 28 सीटों पर भी मतदान
आयोग ने चार राज्यों की विधान परिषदों के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 28 सीटों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इनमें बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को कराया जाएगा।
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होती है। इन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्धारित पात्र मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।
एक ही महीने में दो महत्वपूर्ण चुनाव
अक्टूबर में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि एक ओर राज्यसभा की 12 सीटों पर सदस्यों का चुनाव होगा, वहीं दूसरी ओर चार राज्यों की विधान परिषदों की 28 सीटों पर भी मतदान कराया जाएगा। राज्यसभा की सीटों के परिणाम संबंधित राज्यों के राजनीतिक दलों की सदन में स्थिति को प्रभावित करेंगे, जबकि विधान परिषद चुनावों के परिणाम चार राज्यों के उच्च सदनों में दलों के प्रतिनिधित्व पर असर डालेंगे।
निर्वाचन आयोग ने चुनावों को लेकर आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां शुरू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
इस चुनाव कार्यक्रम के साथ अक्टूबर में देश के कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की सीटों के चुनाव के कारण दोनों स्तरों पर चुनावी गणित पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।

