By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: परमात्मा की ओर अग्रसर हों: चननी में कथा, प्रसाद और भंडारे का उत्सव
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
state

परमात्मा की ओर अग्रसर हों: चननी में कथा, प्रसाद और भंडारे का उत्सव

Last updated: October 30, 2025 6:28 pm
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE

राजकुमार गौतम/ बस्ती (उ.प्र.)। सदर तहसील क्षेत्र के चननी गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन बुधवार को प्रसाद वितरण और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ।
कथा के अंतिम दिवस पर व्यासपीठ से पंडित सर्वेश्वर दत्त त्रिपाठी ने मानव जीवन की दुर्लभता, संस्कारों की महत्ता और मर्यादा के पालन पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कई जन्मों के सत्कर्मों के फलस्वरूप मानव शरीर प्राप्त होता है, जिसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी धर्म, दान-पुण्य, परोपकार और सद्कर्मों में जीवन व्यतीत करना है। पंडित त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा, ‘‘पृथ्वी पर कोई ऐसा जीव नहीं जिसके जीवन में चुनौतियां न हों, किंतु मानव अपने सहज एवं निर्मल स्वभाव से धर्मानुकूल आचरण अपनाकर लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। आज की युवा पीढ़ी में व्याप्त समस्याओं का मूल कारण संस्कारों की कमी है।
संस्कारहीनता के चलते युवा भ्रम और संशय के दलदल में फंसे हुए हैं।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्कार ही जीवन का आधार है। जीव पूर्णतः स्वतंत्र नहीं होता, वह मर्यादा की परिधि में बंधा रहता है। बिना संस्कार के कोई भी जीव मर्यादा में नहीं टिक सकता। मर्यादा और संस्कार से मानव अपनी सभी इच्छाओं को पूर्ण कर सकता है। संस्कारयुक्त व्यक्ति का आचरण सदैव मर्यादित रहता है, जिससे वह आरोग्यवान और धर्मानुरागी बनता है। व्यासपीठ से आगे बोलते हुए पंडित त्रिपाठी ने बताया कि संस्कार से संयम उत्पन्न होता है और संयम से मनुष्य विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं को सहज रखते हुए परमात्मा की ओर अग्रसर होता है।
उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘केवल कथा श्रवण मात्र से मानव अपने समस्त जन्मों के पापों से मुक्त हो सकता है। राजा परीक्षित की मृत्यु निश्चित थी, किंतु मात्र सप्त दिवस कथा सुनने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।’’ कथा के दौरान गांव में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण रहा। अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया। समापन अवसर पर आयोजकों द्वारा प्रसाद वितरण के साथ विशाल भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से रमेश मिश्र, गिरिजेश मिश्र, हरिश्चंद्र मिश्र, नितेश शर्मा, विपिन कुमार, श्रद्धा, पूनम, ज्ञानमती, सुरेश, अभिनव सहित सैकड़ों श्रोता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कथा के सफल आयोजन में ग्राम प्रधान एवं स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग रहा।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article बारिश होने के कारण किसानों को भारीनुकसान
Next Article #AskSRK सेशन में शाहरुख खान ने दीपिका पादुकोण के साथ फिर स्क्रीन शेयर करने की बात पर दिया प्यारा रिएक्शन

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

ATDC उधना में राष्ट्रीय पदाधिकारियों का अवलोकन, सेवा व्यवस्था एवं भविष्य की दिशा पर हुआ सार्थक मंथन
social
August 14, 2026
‘ए भोले बाबा’ में भक्ति का तड़का, गोल्डी यादव की आवाज और दामिनी सिंह के अंदाज ने मचाई धूम
entertainment
August 14, 2026
MRI की टेंशन में भी ₹760 के बेन्नी डोसे का स्वाद, कुब्रा सैत ने दिखाया अपना भागदौड़ से भरा दिलचस्प ‘मुंबई डे’
entertainment
August 14, 2026
सार संभाल यात्रा से सूरत में संगठनात्मक ऊर्जा का संचार
social
August 14, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?