मुंबई:राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे खतरे को देखते हुए मुंबई के सभी लाइसेंस प्राप्त डॉक्टरों (प्राइवेट) को ड्यूटी करने के लिए कहा गया है। अगर कोई भी डॉक्टर ड्यूटी करने से इनकार करता है तो उसका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि कम से कम डॉक्टर्स को 15 दिन की ड्यूटी अलग-अलग हॉस्पिटल में करनी होगी। हालांकि, 55 साल से अधिका उम्र के डॉक्टरों को लिए इसमें छूट दी गई है।
अपनी इच्छा से चुन सकते हैं हॉस्पिटल
राज्य सरकार ने ये सुविधा दी है कि 25,000 पंजीकृत डॉक्टर अपनी इच्छा और पसंद की जगह पर काम करने के बारे में बता सकते हैं। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने एक ऑर्डर जारी कर मुंबई के सभी 24 वॉर्डों के असिस्टेंट कमिश्नर को अधिकार दिया है कि वह मुंबई के प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं नर्सिंग होम को कोविड-19 से लड़ाई के लिए तैयार करें। कमिश्नर ने अपने ऑर्डर में साफ जिक्र किया है कि महानगर में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है।
नियम उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बीएमसी हॉस्पिटल्स एवं सरकारी हॉस्पिटल्स में मरीजों का इलाज हो रहा है। और बड़ी संख्या में मरीज ठीक भी हो रहे हैं। इसके बावजूद भविष्य में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इसलिए असिस्टेंट कमिश्नर अपने-अपने वॉर्ड में ऐसे प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं नर्सिंग होम चिन्हित करें और उन्हें कोविड-19 से लड़ाई के लिए तैयार करें। कमिश्नर ने ऑर्डर में कहा है कि यदि कोई इसका विरोध करता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाए।
बीएमसी को अंदेशा आने वाले समय में बढ़ सकते हैं केस
कई प्राइवेट हॉस्पिटल भी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे हैं, इसके बावजूद बीएमसी को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। बीएमसी को आशंका है कि आने वाले समय में मुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे निपटने के लिए बीएमसी नेस्को ग्राउंड गोरेगांव में 1240 बेड, एमएमआरडीए ग्राउंड में 1000 बेड ऑक्सिजन सहित क्वारंटीन सेंटर बनवा रही है।
जबकि, 300 बेड का आइसोलेसन वॉर्ड महालक्ष्मी रेसकोर्स में, 100 वरली के नेहरू सेंटर में और 200 बेड नेहरू प्लेनेटोरियम और 200 बेड का आइसोलेसन वॉर्ड रिचर्डसन ऐंड क्रुडास में बनवा रही है।

