नई दिल्ली:कोरोना के चलते विदेशों में फंसे करीब 1800 से ज्यादा भारतीयों को एयर इंडिया निकाल कर लाई है। रविवार को एयर इंडिया रोम में फंस 250 से ज्यादा भारतीयों को लेकर आई है। इससे एक दिन पहले ही एयरलाइन ने शिकायत की थी कि उसके चालक दल के जो कर्मी अपनी ड्यूटी पर विदेश गए थे, उन्हें कुछ रेसिडेंट वेलफेयर एसोशिएसन और पड़ोसियों के बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है । बहरहाल, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि एअर इंडिया की टीम पर काफी गर्व है जिन्होंने मानवता के आह्वान पर आगे बढ़कर अपूर्व साहस का परिचय दिया । उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई में उनके अभूतपूर्व योगदान की पूरे भारत से कई लोगों ने सराहना की ।
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को टैग किया। पुरी ने अपने ट्वीट में कहा था कि जब कठिन समय होता है तब मजबूत आगे बढ़ता है। पुरी ने अपने ट्वीट में कैप्टन स्वाति रावल और कैप्टन राजा चौहान के नेतृत्व वाले एअर इंडिया के बोइंग 777 विमान के चालक दल के कर्मियों का चित्र भी पोस्ट किया जिसके माध्यम से रोम में फंसे 263 भारतीयों को वापस लाया गया था ।
इटली से लाए गए 263 भारतीयों को आईटीबीपी अलगाव केंद्र भेजा गया
कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर इटली से 263 भारतीयों को रविवार को स्वदेश लाया गया और उन्हें आईटीबीपी के एक अलगाव केंद्र में भेज दिया गया। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि इस विशेष विमान में 263 यात्री थे। विमान रोम से सुबह करीब दस बजे दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरा।
आईटीबीपी के एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी 263 लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के छावला इलाके में हमारे पृथक केंद्र में लाया गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अलगाव केंद्र में 15 मार्च से पहले ही 215 भारतीय रह रहे हैं। उन्हें भी एयर इंडिया के विशेष विमान से रोम से निकाला गया था। इस केंद्र में पहले चीन के वुहान शहर से लाए गए भारतीय और विदेशियों के दो जत्थों को रखा गया था।

