लखनऊ:ऑनलाइन शापिंग करने वाले ग्राहकों को यह खबर सावधान करने वाली है। जरा सी लापरवाही में आपकी मेहनत की कमाई किस तरह लुट जाती है, इसका खुलासा एसटीएफ ने रविवार को नोएडा में तीन जालसाजों को गिरफ्तार करने के बाद किया। इनमें गिरोह का सरगना भी शामिल है। वे ऑनलाइन शापिंग करने वालों के डाटा हैक कर उन्हें इनाम मिलने का झांसा देकर पेमेन्ट करा लेते थे और फिर उनके रुपये हड़प लेते थे। गिरफ्तार लोगों के पास से करीब एक लाख ग्राहकों का डाटा उपलब्ध मिला है। एसटीएफ का अनुमान है कि ये जालसाज अब तक लोगों के करीब 200 करोड़ रुपये हड़प चुके हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह के मुताबिक पकड़े गए जालसाजों में गौतमबुद्धनगर निवासी वीर सिंह, दिल्ली निवासी अरुण कुमार और चन्द्र किशोर शामिल हैं। इनके बारे में पिछले कई दिनों से शिकायत मिल रही थी। ये लोग ऑन लाइन शापिंग करने वाले ग्राहकों को इनाम में लैपटॉप, वाशिंग मशीन व अन्य इलेक्ट्रानिक सामान निकलने का झांसा देते थे। फिर इसके बदले जीएसटी देने व कुछ भुगतान करने की बात कहकर रुपये जमा कर लेते थे। इस दौरान ही कई ग्राहकों का डाटा भी हैक कर लेते थे। इस गिरोह ने खास कर दिल्ली, नोएडा व मध्य प्रदेश में फैला रखा है।
क्यूआर कोड भेज कर रुपये जमा करा लेते
एसटीएफ के मुताबिक ये लोग ऑन लाइन खरीदने वालों को पहले कई तरह से फोन कर अपने जाल में फंसाते थे। फिर उसका नाम उपहार के लिए चुने जाने की बात कह कर क्यूआर कोड भेजते थे। इस क्यूआर कोड के माध्यम से ही किसी से आठ हजार तो किसी से 10 हजार रुपये जमा कराकर सामान भेजने की बात कह देते थे। इस झांसे में आये लोग रुपये जमा कर देते थे। जब उन्हें सामान नहीं मिलता था तो उन्हें ठगे जाने का पता चलता था।
आजमगढ़ में कई लोग बने शिकार
आजमगढ़ में एक साथ कई लोग इस ठगी का शिकार हुए। यहां के गोधना इलाके के विकास मिश्र ने बताया कि कई नम्बरों से उन्हें फोन आये और बताया गया कि दीपावली पर मेरे द्वारा की गई ऑनलाइन शापिंग पर लकी ड्रॉ में नाम निकला है। इसके बाद आईफोन इनाम में देने की बात कहकर क्यूआर कोड भेजकर तीन हजार रुपये जीएसटी के तौर पर जमा करने को कहा गया। विकास ने झांसे में आकर रुपये जमा कर दिये तो उसी क्यूआर कोड पर आठ हजार रुपये और जमा करवाये। इसके बाद सामान डिलिवर कर देने की बात कही गई। पर, काफी समय तक सामान नहीं आया तो फोन करने पर धमकाने लगे थे। इस पर ही आजमगढ़ में एफआईआर दर्ज करायी गई थी।
एसटीएफ की अपील
एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि कई बार लोगों की लापरवाही से ही जालसाज रुपये हड़प लेते थे। एसटीएफ ने अपील की है कि किसी भी इनाम के झांसे में न आये। न ही किसी को अपनी ऑनलाइन शापिंग का ब्योरा दें। साथ ही अगर कभी कोई आपके डेबिट-क्रेडिट कार्ड का नम्बर, पासवर्ड व सीवीवी नम्बर मांगता है तो तुरन्त सर्तक हो जायें। क्योंकि पासवर्ड आपसे बैंक के अधिकारी भी नहीं मांग सकते। इसके अलावा ऑनलाइन शापिंग करने के बाद कोई भी फोन और रुपये जमा कराने से सम्बन्धित संदेश आता है तो कम्पनी के कस्टमर केयर पर सम्पर्क कर असलियत जरूर पता कर लें।

