नई दिल्ली:नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक शुरू हो चुकी है बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुरू की गई। राष्ट्रपति भवन में होने वाली इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर और पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निति आयोग की बैठक में कहा कि देश को 2024 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन निश्चित रूप से राज्यों के संयुक्त प्रयास से इसे हासिल किया जा सकता है। उन्हों कहा, ”देश को 2024 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसमें राज्यों को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होेंने कहा कि राज्यों को अपनी क्षमता को पहचानते हुए जिला स्तर से जीडीपी के लक्ष्य को बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए। देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 तक तपेदिक का देश से सफाया कर देना चाहिए। उन्होंने राज्यों से केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लागू करने का आग्रह किया है।
केंद्र सरकार ने बैठक में मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी, फल और सब्जियों को ध्यान में रखेत हुए किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने की बात कही है। पीएम-किसानसम्माननिधि जैसी अन्य योजनाओं का
लाभ समय के साथ लाभार्थियों तक पहुुंचाने की भी बात मीटिंग में कही गई है।
इस दौरान राज्यों में निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया गया ताकि आय और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि नवगठित जल शक्ति मंत्रालय जल प्रबंधन के विषय में एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेगा। राज्यों को भी जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अपने विभिन्न प्रयासों को समन्वित करना चाहिए।
नक्सलवाद, सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र के संकट, जल संचय और खरीफ फसल के लिए तैयारियों के मसले पर बातचीत होगी। बैठक के एजेंडे में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग और कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को भी शामिल किया गया है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र में दोबारा सरकार बनने के बाद गवर्निंग काउंसिल की यह पहली बैठक होगी। ममता बनर्जी का तर्क है कि नीति आयोग के पास राज्यों की योजनाओं के समर्थन के लिए वित्तीय अधिकार नहीं हैं। ऐसे में इस बैठक की कवायद का कोई मतलब नहीं है।
बता दें कि नीति आयोग के संचालन परिषद की बैठक में पिछली बैठकों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाती है। साथ ही भावी विकास के बारे में प्राथमिकताएं तय होती हैं। अभी तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संचालन परिषद की चार बैठकें हो चुकी हैं। संचालन परिषद की पहली बैठक 8 फरवरी, 2015 को हुई थी। इस बैठक में नीति आयोग के लिए कामकाज तय किए गए थे। 17 जून, 2018 को चौथी बैठक में किसानों की आमदनी दोगुना करने और सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति के उपायों पर चर्चा हुई थी।
इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, पुड्डूचेरी के सीएम वी. नारायणसामी, केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी भी शामिल थे।

