नई दिल्ली:केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस को भारत कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने में सफल रहा है। इसके लिए कई आंकड़े भी पेश किए गए। सरकार ने कहा है कि 21 मार्च को संक्रमण दोगुना होने का जो दर तीन दिन था, वह अब 24 अप्रैल को 10 दिन है।
इस दौरान सरकार की तरफ से तीन महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र किया गया है। जिनमें देशव्यापी लॉकडाउन, अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट पर पाबंदी और कोरोना टेस्टिंग के साथ-साथ क्वारंटाइन करने का निर्णय शामिल है।
कोरोना वायरस को लेकर गठित देश के 11 में से दो ग्रुप के अधिकारियों ने कहा कि भारत की रणनीति की सफलता को पहचानना महत्वपूर्ण था। यह आगे और भी अधिक पॉजिटव परिणाम देगा।
एक कमेटी के चेयरमैन ने कहा, ’21 मार्च को देश में कुल पॉजिटिव केस की संख्या 300 थी, इसका डबलिंग रेट 3.2 और 3.३ दिन था। इसका बाद जनता कर्फ्यू लगाया गया। 23 मार्च के आसपास स्थिति बदली। बडलिंग रेट बढ़कर 5 दिन पर पहुंच गया। 6 अप्रैल के बाद यह बढ़कर दस दिन हो गया है। यह लॉकडाउन का परिणाम था।’ उन्होंने कहा कि लॉकडाउन ने भारत में लोगों की जान बचाने का काम किया है।
नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा, “हमारा विश्लेषण दिखाता है कि लॉकडाउन की वजह से कोरोना वायरस के दोगुने होने की दर में कमी आई है और जिंदगियां बची हैं। लॉकडाउन का फैसला सही समय पर लिया गया, जिसके कारण देश में कोरोना के करीब 23000 मामले हैं, नहीं तो यह आज 73000 होता।”
भारत में कोरोना के 23 हजार से अधिक मामले
भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या शुक्रवार (24 अप्रैल) को बढ़कर 23,452 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 723 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 17,915 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं।
वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1752 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 37 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित 491 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 4814 (1 माइग्रेटेड) पर पहुंच गई है।

