संजय रोकड़े/भोपाल। आम जनता पर कानून के दंड़े की धोस जमा कर सोशल डिस्टेंसिंग व तालाबंदी को लागू करवाने वाले एमपी के प्रशासन को भाजपा के जाहिल किस्म के नेताओं की जाहिलियत दिखाई नही दे रही है। जिस कानून को लागू कराने में प्रशासन को एड़ी चोटी का जोर लगा कर सफल बनाने में पसीने छूट रहे है, उसी कानून का उलंघन करने में भाजपा के नेताओं को मजा आ रहा है। जनता के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना सोशल डिस्टेंसिंग को ठेंगा दिखाने में इन नेताओं को थोड़ी भी हिचक नही है।
मध्यप्रदेश में कोरोना जैसी बीमारी के विस्तार के लिए तबलीगी जमात के लोगों को जिम्मेदार ठहराने वाले मुख्यमंत्री शिवराज को अब उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर की बेजा किस्म से भरी जाहिलियत भरी हरकते दिखाई नही दे रही है।
बड़ी ही हास्यास्पद स्थिति है कि एक तरफ इस महामारी से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए न केवल कह रहे है बल्कि कानून का डऱ बता कर लागू करवा रहे है, ऐसे में पीएम मोदी के काबिना मंत्री नरेन्द्र तोमर और उनके समर्थक तमाम कानूनों व सोशल डिस्टेंलसिंग के दिशा निर्देशों की अनदेखी कर रहे है।
केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण पंचायत विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के श्योमपुर आगमन के दौरान मंगलवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। इस दौरान तोमर अपने ही संसदीय क्षेत्र में सोशल डिस्टेंसिंग से बेफिक्र बनकर कानून का उलंघन करते रहे। बता दे कि जब वे श्योपुर दौरे पर पहुंचे तो रेस्ट हाउस में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच गए।
मजेदार बात तो ये है कि वे श्योपुर में एक कार्यक्रम में कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करने पहुंचे थे। उनके रेस्ट हाउस पहुंचते ही उनसे मिलने जिले के बीजेपी पदाधिकारियों सहित बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा ऐसा लगा कि शाररिक दूरी और तालाबंदी के तमाम नियम कानून धरे के धरे रह गए।
बता दे कि श्री तोमर ने निषादराज भवन में कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के बाद, वहीं कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक ली और जिले में कोरोना से निपटने की स्थितियों की समीक्षा की। मजेदार तो ये कि कार्यक्रम के समापन के बाद उन्होंने कोरोना संक्रमण से आगाह भी किया।
आपको यह जानकारी होगी कि देश में कोरोना के हाटस्पाट में मध्यप्रदेश भी चिंताजनक स्थिति में है। यहां कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 165 पॉजिटिव मामले सामने आने के साथ मध्यप्रदेश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 7024 हो गई है वहीं, प्रदेश में इस संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 305 हो चुकी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से भोपाल, इंदौर, खंडवा, दतिया और मंडला में एक-एक मरीज की मौत हुई है।
राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 117 मौत अकेले इन्दौर में हुई हैं, जबकि उज्जैन में 54, भोपाल में 49, बुरहानपुर में 13, खंडवा में 12, जबलपुर में नौ, खरगोन, मंदसौर एवं देवास में आठ-आठ, होशंगाबाद, धार, सागर, नीमच एवं रायसेन में तीन-तीन, ग्वालियर में दो और छिंदवाड़ा, सीहोर, आगर मालवा, सतना, झाबुआ, शाजापुर, उमरिया, दतिया, मंडला तथा अशोकनगर एक-एक मरीज की मौत हुई है।
मोदी के मंत्री नरेन्द्र तोमर ने एमपी में उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

