सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: मन की बात में बोले पीएम- आज के युवा को अराजकता, परिवारवाद, अस्थिरता नहीं पसंद
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

मन की बात में बोले पीएम- आज के युवा को अराजकता, परिवारवाद, अस्थिरता नहीं पसंद

Last updated: December 29, 2019 11:46 am
Surabhi Saloni
Share
5 Min Read
File Photo
SHARE

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल के आखिरी रविवार को 60वीं बार रेडियो कार्यक्रम मन की बात को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। मोदी कहा कि हमारे देश के युवाओं को अराजकता के प्रति नफरत है। वे जातिवाद, अपना-पराया, स्त्री पुरुष में भेदभावों को पसंद नहीं करते हैं। नई पीढ़ी आधुनिक है। प्रधानमंत्री ने लोगों से लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने का आग्रह भी किया है।

मोदी ने कहा- ”हम 2 दिन बाद 21वीं सदी के तीसरे दशक में प्रवेश करेंगे। हमारे देश के युवाओं को अराजकता के प्रति नफरत है। वे जातिवाद, अपना-पराया, स्त्री पुरुष इन भेदभावों को पसंद नहीं करते। हम देखते हैं कि अगर कोई सिनेमा एयरपोर्ट में कतार के बीच में घुस जाता है तो युवा उसे सबसे पहले टोकते हैं। युवाओं में नए प्रकार की व्यवस्ता और सोच परिलक्षित करती है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मेरा भरोसा युवा पीढ़ी पर है। इस आधुनिक जेनरेशन में है। उन्होंने विश्वास जताया था कि इन्हीं में से मेरे लोग निकलेंगे। युवावस्था सबसे अहम कालखंड होता है। आपका भविष्य और जीवन इस पर निर्भर करता है कि आप युवावस्था का इस्तेमाल कैसे करते हैं। मुझे विश्वास है कि भारत में यह दशक न केवल युवाओं के विकास का होगा, बल्कि युवाओं का विकास करने वाला साबित होगा। 12 जनवरी को विवेकानंद जयंती पर इस दशक में अपने दायित्वों पर चिंतन करें और नए दशक में संकल्प लें।”

लोगों से लोकल प्रोडक्ट खरीदने की अपील की  

  • ”उत्तर प्रदेश के फूलपुर में कुछ महिलाओं ने अपनी जीवटता से हर किसी को प्रेरणा दी है। कुछ समय पहले तक फूलपूर की यह महिला गरीबी से परेशान थीं। लेकिन इनमें अपने परिवार को आगे ले जाने का जज्बा था। महिलाओं ने चप्पल बनाने का काम शुरू किया। इससे महिलाओं ने न सिर्फ अपने राह का कांटा दूर किया, बल्कि खुद को आत्मनिर्भर बनाया। लोगों ने महिलाओं से चप्पलें खरीदकर उनकी मदद की। मैंने लालकिले से 15 अगस्त को आग्रह किया था कि हम लोकल चीजें खरीदें। मेरा फिर से आग्रह है कि हम लोकल प्रोडक्ट्स को अपनी शान और प्रतिष्ठा से जोड़ सकते हैं, क्या हम इन्हें खरीदकर लाखों के जीवन में समृद्धि ला सकते हैं। क्या हम लोगों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।”
  • ”2022 को हम आजादी के 75 साल पूरे करेंगे। क्या हम संकल्प कर सकते हैं कि कम से कम यह दो तीन साल स्थानीय उत्पाद खरीदने के आग्रही बने। जिन चीजों में हमारे लोगों के पसीने की महक हो उसे खरीदने का संकल्प कर सकते हैं। यह काम सिर्फ 2-3 साल तक करें। छोटो-छोटे संगठन बनाएं और संकल्प लें कि हम लोकल खरीदेंगे, स्थानीय चीजों को महत्व देंगे। देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनें और सम्मान के साथ जीवनयापन करें यह हमारी जरूरत है।”

जम्मू कश्मीर के कार्यक्रम ने प्रभावित किया
”जम्मू कश्मीर के हिमायत प्रोग्राम ने मेरा ध्यान खींचा। यह कौशल विकास और रोजगार से जुड़ा है। इसमें 35 वर्ष तक के लोग शामिल होते हैं। इसमें वे शामिल होते हैं जिन्हें बीच में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम में 18 हजार लोगों ने ट्रेनिंग ली। इनमें से 5 हजार लोग तो रोजगार कर रहे हैं और दे रहे हैं। हिमायत लोगों के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है। इसने कश्मीर के युवाओं के बीच आत्मविश्वास बढ़ाया और उनका आगे का मार्ग प्रशस्त किया।”

‘खगोल विज्ञान से भारत का गौरवशाली नाता है’
मोदी ने कहा, ”इस साल हमने 26 दिसंबर को दशक का आखिरी सूर्यग्रहण देखा। तमाम युवा साथियों की तरह मैं भी सूर्यग्रहण देखने निकला। मेरे मन में भी उत्साह था। लेकिन अफसोस की दिल्ली में उस दिन आसमान में बादल छाए हुए थे। हालांकि, टीवी में कोझिकोड और बाकी जगह कुछ अच्छी तस्वीरें देखने को मिलीं। ग्रहण हमें याद दिलाते हैं कि हम पृथ्वी पर रहने के बावजूद अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। साथियों भारत में एस्ट्रोनॉमी यानी खगोल विज्ञान का प्राचीन और गौरवशाली इतिहास रहा है। भारत में कई जंतर मंतर हैं। इसका एस्ट्रोनॉमी से गहरा संबंध है। आर्यभट्ट ने सूर्यग्रहण के साथ चंद्रग्रहण की व्याख्या की है। उन्होंने मैथमैटिकली बताया कि चांद की शैडो का कैल्कयुलेशन कैसे करें। उनके शिष्यों ने इसे आगे बढ़ाने का काम किया। केरल में संगमग्राम के माधव ने ग्रहों की गणना करने का काम शुरू किया।”

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article अलविदा 2019: माेदी सरकार के 9 फैसले, जानें 2020 में आप पर कैसा होगा असर
Next Article तेरापंथ भवन कांदिवली में त्रिदिवसीय प्रेक्षाध्यान कार्यशाला सम्पन्न

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन पूरे सिस्टम से टूटे भरोसे का नतीजा : राहुल
national
September 6, 2026
‘मुसाफिर कैफे’ फेम पार्वती थिरुवोथु की वॉइस एक्टिंग में नई शुरुआत, मलयालम में करीना के किरदार को देंगी अपनी आवाज़
entertainment
September 6, 2026
प्यार में पड़ने की फीलिंग को सेलिब्रेट करता है हार्डी संधू का नया गाना ‘स्टक ऑन यू’
entertainment
September 6, 2026
पर्वत पाटिया में सामूहिक आयंबिल अनुष्ठान का आयोजन
social
September 6, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?