लखनऊ:बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि गुजरात में भाजपा की ‘घृणा हिंसा’ का शिकार उत्तर प्रदेश और बिहार के गरीब, मजदूर बन रहे हैं। यह देश के लिए चिंता की बात है। उन्होंने यह भी कहा है कि चुनावी गठबंधनों के लिए उनकी पार्टी सीटों की भीख नहीं मांगेगी। गठबंधन नहीं होने पर अकेले अपने बलबूते चुनाव लड़ती रहेगी। मायावती ने कहा है कि गुजरात में उत्तर भारतीय लोगों के खिलाफ जुल्म, ज्यादती, हिंसा, तनाव और अराजकता का माहौल बन गया है। यह देश के लिए चिंता की बात है। इस हर हाल में जरूर रोका जाना चाहिए।
पीएम देश के सामने रखें अपनी बात
मायावती ने कहा है कि उत्तर भारतीय लोगों ने इस तरह का भेदभाव कभी किसी के साथ नहीं किया। गुजरात के रहने वाले नरेंद्र मोदी को वाराणसी से चुनकर लोकसभा में भेजा और वे देश के प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर तत्काल अपनी बात देश के सामने रखनी चाहिए। इस बात की परवाह नहीं करनी चाहिए कि उनकी बातों का असर वहां के लोगों पर क्या पड़ेगा? इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकार को जनहित और देशहित में यह मुद्दा गुजरात की भाजपा सरकार के सामने डर कर नहीं बल्कि डटकर उठानी चाहिए। ‘घृणा हिंसा’ के इस गुजरात और महाराष्ट्र मॉडल को और फैलने से हर हाल में रोका जाना चाहिए।
गलत काम करने वाले को मिले कानूनी सजा
मायावती ने मंगलवार को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में बसपा संस्थापक कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी गलत काम किया है उसे कानूनी सजा मिलनी ही चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के गरीबों, मजदूरों के परिवार को हिंसा का शिकार बनाना अनुचित और निंदनीय है।
बसपा ना टूटेगी ना झुकेगी
उन्होंने कहा है कि बसपा दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ ही सवर्ण, गरीबों, मजदूरों, किसानों के सम्मान व स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं कर सकती है। इसके लिए उन्हें कांग्रेस और भाजपा सरकारों से कितनी भी प्रताड़ना क्यों ना झेलनी पड़े। बसपा न टूटेगी न झुकेगी। आरोप लगाया है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बसपा और इसके नेतृत्व को राजनीतिक तौर पर कमजोर करने के लिए हर तरह के हथकंडे का इस्तेमाल करती हैं। चुनाव के समय इनका यह प्रयास और अधिक विषैला हो जाता है। मायावती ने कहा कि बसपा कत्तई नहीं चाहती कि एससी-एसटी कानून का सरकारी मशीनरी के हाथों दुरुपयोग हो।
मायावती का निशाना: BJP की ‘घृणा हिंसा’ के शिकार हो रहे यूपी, बिहार के लोग

