ठाणे। युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री अनंत कुमार जी के सानिध्य में नवरत्न जी दुगड के मासखमण की तपस्या के उपलक्ष में तप अनुमोदन समारोह का आयोजन ठाणे तेरापंथ भवन माजीवाड़ा में हुआ ।मुनि श्री अनंत कुमार जी ने अपने उद्बोधन में फरमाया कि हर धर्म की अपनी अपनी उपासना की विधियां है परंतु तप हर किसी धर्म में सर्वमान्य उपासना है।
सार्वभौम माना गया है। और किसी साधना में तर्क वितर्क हो सकते हैं परंतु तपस्या कोई भी करें वह निर्विवाद निरखाद सोना है। तपस्या के द्वारा तपस्वी का आभामंडल तेजस्वी बन जाता है शास्त्रों में आता है तपस्वी के दैवीय शक्तियां भी चरण से भी बन जाती है।
आगमों में मिलता है हरि कैसबल मुनि जो कुरूप थे उनके साथी भी उन्हें अपने साथ देखना पसंद नहीं करते संतों का योग मिला साधु बने तपस्या में लगे और अपनी आत्मा को इतना उज्जवल बनाया की एक यक्ष भी उनकी सेवा में सतत रहने लगा। जीवन में ब्रांडेड वस्तु नीच, गुंडे और अयोग्य व्यक्ति के पास भी मिल सकती पर ब्रांडेड व्यक्ति होना अपने आप में विरल है। दुनिया में ज्यादातर लोग ब्रांडेड वस्तु की प्रशंसा करते हैं संग्रह करते हैं पर पूजा और विश्वास तो ब्रांडेड व्यक्ति की ही करते हैं।
भाई नवरत्न जी जिन्होंने आज अपने जीवन में चौथा मासखमन की तपस्या अर्थात 34 दिन तक निराहार रहना सिर्फ गर्म पानी के आधार पर अपने को तपया है ।वे स्वयं थाने समाज के ब्रांडेड व्यक्ति बन गए हैं ।जब कभी ठाणे में तपस्वियों की लिस्ट बनेगी अग्रिम पंक्ति में नवरत्न जी का नाम आएगा।
उनकी तपस्या के उपलक्ष में यहां पर उपस्थित हर व्यक्ति कोई ना कोई तयाग के द्वारा उनके तप की अनुमोदना करें ।तप अनुमोदन कार्यक्रम में तेरापंथ सभा के अध्यक्ष महेंद्र जी बागरेचा , कार्याध्यक्ष नरेश जी बाफना ,राजू जी बापना, कमलेश जी दुग्गड, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रमेश जी सोनी, कोपरी तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष आलोक जी बाफना एवं दुग्गड परिवार से बेटियां एवं बहू ने गीत के माध्यम से तपस्वी के तपस्या का अनुमोदन किया।
कार्यक्रम का संचालन तेरापंथ के सभा के मंत्री पवन जी ओस्तवाल ने किया। तेरापंथ सभा एवं समस्त संस्थाओं के द्वारा तपस्वी नवरत्न जी का सम्मान किया गया।
ठाणे में मासखमण तप अनुमोदना समारोह

