मुम्बई। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ (मेवाड़)मुम्बई के गोरेगांव मेवाड़ भवन में चातुर्मास कर रहें गुरुदेव गौतममुनि प्रथम ने शनिवार को व्याख्यान में कहा की आज के युग का मनुष्य लोभ में फस गया हैं ।और लोभ ऐसी आग हैं जो भाई -भाई को पिता -पुत्र को भी अलग कर रहा हैं । और मसा ने कहा की इतिहास इस बात का गवाह हैं की पहले राजा के पुत्र भी लोभ में पड़कर पिता की हत्या कर देता था और आज के युग मे आये दिन समाचारपत्र में खबरे भी पढ़ने को मिलती हैं की दुकान में काम करने वाला व्यक्ति अपने ही दुकान के मालिक की हत्या लोभ के चक्कर मे पड़कर धन के लिये कर रहा हैं जो समाज के लिये निंदनीय हैं। जब मनुष्य के अंदर लोभ घर कर जाता हैं तो वह देवतुल्य माता -पिता की हत्या करने में भी गुरेज नही करता और कुछ जगहों पर माता -पिता द्वारा भी पुत्र की हत्या करने का मामला भी प्रकाश में आ रहा हैं तो वही मनुष्य मानव को लोभ से बचने के लिये गौतममुनिजी मसा ने कहा की लोभ ही पाप का मूल जड़ हैं तो वही पुरुषार्थ और पुण्य के लिये धन कमाना और खर्च करना महापुण्य का काम हैं। तो वही व्याख्यान के दौरान गैतममुनि मसा लोभ को जीतने के लिए मेवाड़ी भजन गाकर लोगो को लोभ पर विजय पाने की नसीहत देते हुए कहा की आज हम जो कुछ भी हैं हमारे पूर्व जन्म में किये गए कर्म का फल हैं जो हमें मनुष्य जन्म मिला और आज हम जैसा पुण्य करेगे उसका लाभ हमें आगे मिलेगा।जो बोओगे वही काटोगे।
धन को पुण्य के काम मे लगाने पर जोर देते हुए जैसा की गैतममुनि मसा का प्रमुख धर्म सन्देश हैं की धन को दिखावे में खर्च करने की जगह डायलिसिस के काम मे खर्च करने का उपदेश गुरुदेव जी ने श्रावक -श्राविकाओं को दिया।और उन्होंने कहा की पुण्य का बैलेंस मानव को बैंक बैलेंस की तरह बढाना चाहिये और अपंग ,असहाय,दीन -दुखियारो की मदद में धन खर्च करना चाहिए और गरीबो की सेवा में पैसा लगाना धरती का कर्ज चुकाना होता हैं ।धरती और देश हमें सब कुछ देता देता हैं हम भी धरती देश समाज को कुछ देना सीखे।मन्दिर बनाने की जगह गरीबो की सेवा के लिए ट्रस्ट बनाना मन्दिर बनाने से बड़ा काम होता हैं ऐसे धर्मज्ञान का संदेश सुनते ही सभी श्रावक -श्राविकाएं भावुक हो गयी। तो वही लोभ से बचने के लिये मसा ने मेवाड़ी मुनि चौथमल जी मसा पर भी भजन सुनाकर लोगो को मन्त्रमुग्ध कर दिया। आगे कहा कि लोभी धन के लिए मरना पसन्द करता हैं पर धन किसी को देता नही और जब खुद नही दोगे तो खुद पाओगे भी नही। लोभ के साथ साथ संयम पर जोर देते हुए गौतममुनि मसा ने कहा की संयम मोक्ष पाने का पहला और सब से बड़ा मार्ग होता हैं व्याख्यान में मसा ने कहा की एक घड़ी का भी संयम आता हैं तो भी मोक्ष का मार्ग प्रशस्त्र होता हैं।ऐसे -ऐसे भी मुनि हुए है जिनको सुहागरात के दिन वैराग्य के भाव आये है और पति -पत्नी दोनों संयम के मार्ग पर चलने का व्रत सुहागरात के दिन लिए है पूरी जिंदगी उस पर कायम रहते हुए साधु -साध्वी के रूप में जीवन व्यतीत कर के जिनशासन का गौरव बढ़ाया हैं।और संसार मे रहकर भी बहुत से श्रावक संयम पर चले है जो साधु से भी श्रेष्ठ साबित हुए हैं।
गुरु गौतममुनिजी मसा ने कहा की इंसान जब भी जागे तभी सबेरा होता हैं वैराग्य संयम का मार्ग गृहस्थ जीवन जीने के बाद भी ऐसे लगे की हमारा घर परिवार भर गया हैं हमने जिम्मेदारी पूरी कर ली हैं तब भी वैराग्य आता हैं तो उसे अपनाना चाहिये।कार्यक्रम के मौके पर प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में मेवाड़ संघ मुम्बई के अध्यक्ष किशनलाल परमार, महामंत्री रोशनलाल बडाला, मेवाड़ भवन गोरेगांव के अध्यक्ष दिलीप नाबेड़ा, प्रचार मंत्री प्रकाश बदामा, लक्ष्मीलाल बडालमिया, मेवाड़ नवयुवक मण्डल प्रमुख नरेश लोढ़ा, कोषाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ , नवयुवक मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सांखला दिनेश बडालमिया रहे।
आज लोगग्स पाठ का कार्यक्रम भी गोरेगांव मेवाड़ भवन में होगा। जिसमे अधिक से अधिक विभिन्न उपसंघो के श्रावको के लिए गोरेगांव पहुचने के लिए 15 बसों की व्यवस्था मंत्री दिनेश बडालमिया संभाल रहे हैं। सभी सामायिक में बैठने वाले श्रावक अपना सामान लेकर आये ऐसा आग्रह मेवाड़ संघ मुंबई के अध्यक्ष किशनलाल परमार ने लोगो से की हैं।तो वही कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश समिति के मुख्य संयोजक विनोद चपलोत ने किया।
कार्यक्रम में फोर्ट उप संघ की सेवा रही जिसमे फोर्ट उप संघ के अध्यक्ष हुकमीचंद जैन, मंत्री फतेहलाल जैन, नानालाल जैन, किशनलाल जैन, गोपीलाल जैन, अशोक जैन, नरेश जैन, अम्बालाल जैन तो वही महिला उपसंघ फोर्ट की अध्यक्षा कल्पना सुराना, मंत्री पुष्पा कोठारी, कमेटी मेम्बर सरोज चौधरी समेत फोर्ट उपसंघ की पूरी टीम मौजूद रही।
लोभ ऐसी आग हैं जो सम्पूर्ण विश्व को जला सकती हैं – गुरु गौतम मुनि मसा

