लावासरदारगढ़। शासनश्री साध्वीश्री कनक श्रीजी के सानिध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार तेरापंथ महिला मंडल लावासरदारगढ़ द्वारा हैप्पी एंड हॉर्मोनियस फैमिली सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सुभारम्भ नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। कन्या मंडल की बहिनो ने महाप्रज्ञ अष्टकम से मंगलाचरण किया। साध्वी प्रमुखा श्री जी के संदेश का वाचन उपाध्यक्ष लता बापना ने किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मेवाड़ क्षेत्रयी प्रभारी डॉक्टर नीना कावड़िया ओर विशिष्ट अतिथि मिना जी नवलखा थी। अध्यक्षता सभा अध्यक्ष हस्तीमल कच्छारा ओर प्रमुख वक्ता डॉक्टर बसंती लाल बाबेल थे। महिला मंडल अध्यक्ष मंजू कच्छारा ने सभी का स्वागत करते हुए अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी।
समारोह को संबोधित करते हुए साध्वी श्री जी ने कहा कि परिवार सुखी व समृद्ध तभी बन सकता है जब परिवार में पारस्परिक सामंजस्य हो, सकारात्मक सोच हो, प्रमोद भावना का विकास हो, सबके साथ निस्पक्ष व्यवहार हो, विकास के अवसर सभी के लिए सुलभ हो, मिल झूल कर कार्य करने की भावना हो तभी धरती पर स्वर्ग उत्तर सकता है। महिला मंडल की बहनो ने स्वच्छ परिवार व स्वस्थ समाज गीत की बहुत सुंदर प्रस्तुति दी। साध्वी निर्मल यशा जी ने smile शब्द की व्याख्या करते हुए अपने ओजस्वी व्यक्तव्य में महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेणना दी। उन्होंने कहा की नारी घर परिवार का एक केंद्र बिंदु है वह चाहे तो घर को नरक बना सकती है और वही नारी चाहे तो घर को स्वर्ग बना सकती है। डॉक्टर बसंती लाल बाबेल ने कहा कि हमे अहंकार को त्यागना होगा और प्रेम व सौहार्द की भावना का विकास करते हुए अपने परिवार को सुखी बनाने के कई tips दिए। मेवाड़ क्षेत्रयी प्रभारी डॉक्टर नीना कावड़िया ने कहा कि हम सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाते हुए जीवन को सफल बना सकते है। परिवार शब्द की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया है कि हम सभी नैतिक संस्कार, गुण, रस्में रिवाज, आदर सत्कार परिवार से ही सिख सक्ते है। परिवार समाज की महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने विश्वास, प्रेम, सम्मान, समन्वय की, let go करना आदि बिन्दुओ पर प्रकाश डालते हुए बहिनो को बहुत ही सूंदर व सरल ढँग से समजाया। नारी चाहे कितने ही बड़े पद पर पहुच जाए लेकिन परिवार में वह एक सामान्य महिला होती है। उसके इर्दगिर्द सारा परिवार घूमता है। विशिष्ट अतिथि मिना नवलखा ने भी अपने विचारों की अभिव्यक्ति देते हुए कहा कि हमारे परिवार से हम जो संस्कार सीखते है वही हमारे जीवन भर काम आते है। अच्छे संस्कारो को पल्लवित करने के लिए परिवार की जरूरत होती है।
बुजुर्गों के अनुभव और आशीर्वाद से ही आगे बढ़ सकते है। एक दूसरे की भावनाओं का आदर सम्मान करते हुए परिवार को आगे बढ़ाया जा सकता है। साध्वी मेमन यशा जी ने मैत्री व सामंजस्य की अनुप्रेक्षा का प्रयोग करवाते हुए ॐ श्री महाप्रज्ञ गुरुवे नमः का 11 बार जाप करवाया ओर अपनी भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। समारोह मे पुर्व अध्यक्ष गणपत लाल जी चौधरी की उपस्थिति रही। समारोह में विनोल कन्या मंडल की बहनो ने गीतिका, शीतल चौधरी, उपासिका शांता जैन, जोधराज तलेसरा आदी ने गीत कविता व वक्तव्य के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किये। मंडल के द्वारा सभी अथितियों का साहित्य के द्वारा सम्मान किया गया। साध्वी गंभीर प्रभा जी ने रिस्तो की डोर से खुला प्रश्न मंच के द्वारा रोचक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। तत्वा प्रचेता की उपाधि प्राप्त करने वाली बहन शीतल चौधरी व लता जी बापना का भी सम्मान किया गया। सामारोह में अन्य समाज की बहिनो ने भाग लिया। विनोल क्षेत्र से भी बहिनो की उपस्थिति रही। आभार श्रीमती पुष्पा संचेती द्वारा ज्ञापित किया गया। संचालन उपाध्यक्ष श्रीमती लीला चिप्पड़ व मंत्री सीमा बाबेल ने किया। मंगल पाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम की जानकारी श्रीमती मंजू कच्छारा ने दी।
लावासरदारगढ़ तेरापंथ महिला मंडल द्वारा हैप्पी एंड हॉर्मोनियस फैमिली सेमिनार का आयोजन

