नई दिल्ली:भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान कपिल देव का मानना है कि विराट कोहली को अब ज्यादा अभ्यास करने की जरूरत है, क्योंकि उनके रिफ्लैक्सेस तथा हाथ-आंख के बीच का संयोजन शायद कम हो रहा है। न्यूजीलैंड में खेले गए दो टेस्ट मैचों में कोहली ने सिर्फ 38 रन बनाए। कोहली से इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। वनडे और टी-20 में उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला। वह इस दौरे पर कुल 11 पारियों में सिर्फ 218 रन ही बना सके।
उनके बल्ले से एकमात्र अर्धशतक पहले वनडे में निकला। विराट ने इस दौरे में टी-20 सीरीज में 45, 11, 38 और 11 रन, वनडे सीरीज में 51, 15 और 9 रन तथा टेस्ट सीरीज में 2,19, 3 और 14 रन बनाए।
कपिल ने हिन्दी समाचार चैनल एबीपी न्यूज से कहा, “जब आप एक तय उम्र पर पहुंच जाते हो, जब आप 30 पार कर लेते हो तो आपकी आंखों पर इसका असर होता है। अंदर आती गेंदें उनकी ताकत हुआ करती थी और कोहली उन्हें फ्लिक कर चौके के लिए भेज दिया करते थे लेकिन वह इन्हीं गेंदों पर दो बार आउट हो चुके हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें अपनी नजरों के साथ बेहतर तालमेल बैठाने की जरूरत है।”
पूर्व कप्तान ने कहा, “जब बड़े खिलाड़ी इनस्विंग गेंदों पर बोल्ड और एलबीडब्ल्यू आउट होने लगते हैं तो तब आपको उन्हें कहना होता है कि आप ज्यादा अभ्यास करो। यह बताता है कि आपकी नजरें और रिफलेक्सेस थोड़े कम हो गए हैं और बहुत जल्दी आपकी मजबूती आपकी कमजोरी में बदल सकती है।
कपिल ने कहा, ”यह दर्शाता है कि आपकी आंखें और प्रतिक्रिया देने की क्षमता में कुछ कमजोर हुई हैं। 18 से 24 साल तक आपकी नजर सबसे बेहतर होती है लेकिन इसके बाद यह इस पर निर्भर करता है कि आप इस पर कैसे काम करते हैं।” उन्होंने कहा, ”सहवाग, द्रविड़, विव रिचर्ड्स सभी को अपने करियर में इस तरह की परेशानियों को सामना करना पड़ा। इसलिए कोहली को अधिक अभ्यास करने की जरूरत है।”
कपिल का मानना है कि कोहली को अपनी तकनीक में सुधार और अधिक अभ्यास करने की जरूरत है। उन्होंने साथ ही कहा कि आईपीएल में खेलने से भारतीय कप्तान को इससे सामंजस्य बैठाने में मदद मिलेगी।
बता दें कि कप्तान विराट कोहली का किसी सीरीज में यह दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन रहा। विराट ने इस प्रदर्शन के कारण टेस्ट रैंकिंग में अपना नंबर एक स्थान भी गंवाया। उनका इस सीरीज में 9.50 का औसत रहा और उन्होंने दो टेस्टों की चार पारियों में 2, 19, 3 और 14 रन बनाए। इससे पहले उनकी सबसे खराब सीरीज 2016-17 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रही थी, जिसमें उन्होंने पांच पारियों में 9.20 के औसत से 46 रन बनाए थे।

