नई दिल्ली: देश में लगातार तीसरे दिन कोरोनावायरस के एक हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। एक दिन पहले कोरोना संक्रमण के 1580 और 18 अप्रैल को 1371 नए मरीज मिले थे। सोमवार को सबसे ज्यादा 466 नए केस मुंबई में मिले। यहां संक्रमितों की संख्या 4666 हो गई है जबकि मृतकों का आंकड़ा 232 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार 75 हजार रैपिड टेस्ट करेगी। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शर्तों के साथ केंद्र ने हमें टेस्ट की मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि हम एहतियातन मुंबई के धारावी जैसे इलाकों में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है और उम्र 65 साल से ज्यादा है उन्हें यह दवा नहीं दी जाएगी। इधर, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 18551 हो गई है। सोमवार को 1235 नए मामले सामने आए। गुजरात में 196, उत्तरप्रदेश में 84, आंध्रप्रदेश में 75, राजस्थान में 98, पश्चिम बंगाल में 29 और हरियाणा में 1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमण के कुल 17 हजार 656 मामले आए हैं। इनमें 14 हजार 255 का इलाज चल रहा है। 2841 ठीक हुए हैं, वहीं 559 लोगों की मौत हुई है।
लॉकडाउन को लेकर बंगाल और केंद्र सरकार में तकरार
इधर, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच लॉकडाउन के उल्लंघन, सोशल डिस्टेंसिंग की समीक्षा को लेकर तकरार शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की 6 सदस्यीय इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) राज्य में भेजे जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्वीट किया- हम कोरोना महामारी के खिलाफ केंद्र सरकार के सहयोग और सुझावों का स्वागत करते हैं। हालांकि, केंद्र ने पश्चिम बंगाल समेत कुछ अन्य राज्यों में आईएमसीटी को भेजने का जो फैसला लिया है, उसका उद्देश्य समझ से परे है।
केंद्र की टीम भेजना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ: ममता बनर्जी
ममता ने नाराजगी जताते हुए कहा- मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के इन जिलों में केंद्र की टीम को भेजे जाने का आधार पूछती हूं। मुझे यह कहते हुए अफसोस हो रहा है कि बिना किसी साफ वजह के मैं इसकी अनुमति नहीं दे पाऊंगी, क्योंकि यह संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
भारतीय सेना ने छुट्टी पर गए जवानों को तीन वर्गों में बांटा
भारतीय सेना ने अपने जवानों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए खास योजना बनाई है। छुट्टी पर गए या अस्थायी ड्यूटी से जुड़ने वाले जवानों और उनकी रिपोर्टिंग के लिए सेना ने दिशा-निर्देश तय किए हैं। इन्हें तीन कैटेगरी- ग्रीन, यलो और रेड में बांटा गया है। निर्देश में कहा गया है कि जिन जवानों ने 14 दिन का क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर लिया वे ग्रीन कैटेगरी में होंगे। जो 14 दिन के क्वारैंटाइन पीरियड में जाने वाले हैं वे यलो कैटेगरी में होंगे, जबकि जिन जवानों में संक्रमण का शक होगा उन्हें रेड कैटेगरी में रखा जाएगा।
पिछले हफ्ते सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कुपवाड़ा में न्यूज एजेंसी से कहा था कि हमारे जवान जो किसी संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं, उन्हें यूनिट में वापस ले जाया जा रहा है। इसके लिए बेंगलुरु से जम्मू और बेंगलुरु से गुवाहाटी के बीच 2 विशेष ट्रेन चलाई जा रही हैं। सेना प्रमुख ने यह भी कहा था कि भारतीय सेना में अभी सिर्फ 8 लोग कोरोना संक्रमित हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा- मुंबई, इंदौर समेत 11 जिलों की स्थिति गंभीर
गृह मंत्रालय ने कुछ शहरों में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर चिंता जताई है। मंत्रालय का कहना है कि खासतौर पर मध्यप्रदेश के इंदौर, महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे, राजस्थान के जयपुर, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, मेदनीपुर पूर्व, 24 उत्तर परगना, दार्जीलिंग, कैलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में स्थिति गंभीर है।

