विकास धाकड़/मुंबई। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार जी एवं मुनि श्री मुकुल कुमार जी के सानिध्य में आचार्य महाप्रज्ञ का 16वां महाप्रयाण दिवस अभ्यर्थना समारोह के रूप में समायोजित हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री कुलदीप कुमार जी ने कहा- नत्थू से आचार्य महाप्रज्ञ की यात्रा विकास की ऊर्जस्वल यात्रा है। उनकी प्रज्ञा ने नए आयाम प्रस्तुत किए हैं। युगीन समस्याओ को बारीकी से प्रस्तुत कर समाधान की दिशा दिखाई। उनका साहित्य महासूर्य की तरह है जिसकी एक किरण भी यदि किसी को प्राप्त हो जाए तो वह जीवन का कल्याण कर सकता है।
मुनि श्री मुकुल कुमार जी ने कहा- आचार्य महाप्रज्ञ प्रेक्षाध्यान के प्रयोगधर्मा आचार्य थे। उन्होंने वर्षों तक दिव्य साधना की। विभिन्न मंत्रों,आसनों के द्वारा एक ऐसी शक्ति का जागरण किया। जो विश्व शांति का मंत्र बन गया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष ज्ञानमल जी भंडारी ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया कार्यक्रम का मंगलाचरण महिला मंडल कांदिवली की बहनों ने किया। श्रीमती प्रेमलता कच्छारा, अशोक जी कोठारी ने गीत से अभ्यर्थना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन तेयूप के कर्मठ अध्यक्ष राकेश जी सिंघवी जी ने किया।
कांदिवली (मुंबई): संतता के जीवंत रूप थे आचार्य महाप्रज्ञः मुनि कुलदीप कुमार जी

