मुंबई। तेरापंथ धर्मसंघ के महान संस्थापक, युगद्रष्टा, विचार क्रांति के अग्रदूत परम पूज्य आचार्य श्री भिक्षु के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा बोरीवली द्वारा 8 जुलाई 2025 को शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के त्रिवार उच्चारण से हुई। इसके माध्यम से समस्त साधु-साध्वी भगवंतों एवं तेरापंथ धर्मसंघ को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। “भिक्षु म्हारे प्रगट्याजी भरत खेतर में…” इस भावपूर्ण गीत का संगीतमय संगान किया गया। इस रचना ने श्रद्धालुओं के मन में आचार्य श्री भिक्षु के जन्म एवं जीवन के आदर्शों की स्मृति ताजा कर दी।
“ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ
जय भिक्षु जय भिक्षु जय भिक्षु जय”
इस सामूहिक जाप ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। मंगल कामना के साथ “विघ्न हरण मंगल करण” का तीन बार उच्चारण कर सम्पूर्ण वर्षभर के त्रिशताब्दी कार्यक्रमों की निर्विघ्न सफलता हेतु मंगल प्रार्थना की गई।
ज्ञानशाला के बच्चों ने अपनी सुंदर प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। बच्चों की भावभंगिमा, स्वाभाविकता एवं ओजस्विता ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।बोरीवली समाज ने इस त्रिशताब्दी वर्ष को सार्थक बनाने हेतु अत्यंत प्रेरक पहल की। अगले एक वर्ष तक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से दो विशेष ग्रंथों -“भिक्षु विचार दर्शन”, “रहस्य भिक्षु के”का स्वाध्याय करने का संकल्प लिया गया। यह निर्णय समाज के अध्ययनशील एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण का प्रतीक है।
सभा अध्यक्ष श्रीमती संगीता सिंघी द्वारा समस्त धर्म परिवार का आत्मीय स्वागत किया गया। उनकी ओजस्वी उपस्थिति और प्रेरक वक्तव्य ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।सभा संरक्षक श्री महेन्द्रजी भंसाली ने आभार ज्ञापन किया।
श्री गौरवजी भंसाली ने मंच संचालन किया।आज के इस कार्यक्रम में लगभग 95 श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धा, उल्लास, एकाग्रता और समर्पण से परिपूर्ण यह आयोजन सभी के लिए स्मरणीय एवं प्रेरणास्पद बन गया।
बोरीवली में आचार्य श्री भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष शुभारंभ समारोह हुआ आयोजित

