सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलावों से वहां के निवासी लाभान्वित होंगे – राष्ट्रपति कोविंद
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलावों से वहां के निवासी लाभान्वित होंगे – राष्ट्रपति कोविंद

Last updated: August 14, 2019 9:10 pm
Surabhi Saloni
Share
6 Min Read
File Photo
SHARE

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा, “स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। इस मौके पर हम अपने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को याद करते हैं।” राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर पर बात करते हुए कहा कि हाल में सरकार द्वारा किए गए बदलावों से वहां के रहवासी लाभान्वित होंगे। वे भी अब समानता को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील कानूनों और प्रावधानों का इस्तेमाल कर सकेंगे। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, वंचितों को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। तीन तलाक जैसे अभिशाप से वहां की बहनों को मुक्ति मिलेगी।

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता के वक्त के क्रांतिकारियों को याद करते हुए कहा कि जिन्होंने हमें आजादी दिलाने के लिए महान आदर्श प्रस्तुत किए। जिस महान पीढ़ी के लोगों ने हमें आजादी दिलाई, उनके लिए स्वाधीनता राजनीतिक सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं थी। उनके लिए लोगों का जीवन बेहतर बनाना भी मकसद था।

‘अगले 5 साल भी संसद इसी तरह उपलब्धियां हासिल करेगी’

“लोकसभा चुनावों में हिस्सा लेकर आपने इसे सफल बनाया। लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया और मतदान से जुड़ी जिम्मेदारी निभाई। इन चुनावों के माध्यम से हमारे देशवासी अपनी आशा और विश्वास को नई अभिव्यक्ति देते हैं। इसकी शुरुआत आजादी के जज्बे के साथ हुई थी, जिसका अनुभव 15 अगस्त 1947 को सभी देशवासियों ने किया था। उस जज्बे को आगे ले जाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करना सभी की जिम्मेदारी हैं। हाल का संसद का सत्र बेहद सफल रहा। इससे मुझे यह विश्वास है कि आने वाले 5 वर्षों के दौरान संसद इसी तरह से उपलब्धियां हासिल करती रहेगी।”

‘गांधीजी ने पहले ही लगा लिया था चुनौतियों का अनुमान’
“स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। इस मौके पर हम अपने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को याद करते हैं, जिन्होंने हमें आजादी दिलाने के लिए महान आदर्श प्रस्तुत किए। कुछ ही सप्ताह बाद हम गांधीजी की 150वीं जयंती मनाएंगे। गांधीजी का मार्गदर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने हमारी चुनौतियों का अनुमान पहले ही लगा लिया था। वे मानते थे कि पर्यावरण के साथ संतुलन पर जोर दिया। हमारे अनेक प्रयास उनके विचारों को ही यथार्थ रूप देते हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग को बनाने पर विशेष जोर देना भी उन्हीं की सोच का हिस्सा है।”

‘130 करोड़ भारतीयों को पैदा करनी होंगी संभावनाएं’

“मैंने महसूस किया है कि भारत के लोगों की रुचि भले ही अलग-अलग हों, पर सपने एक ही हैं। 1947 से पहले आजादी का लक्ष्य था, आज लक्ष्य विकास की गति तेज होना, शासन का पारदर्शी और कुशल होना है। जनादेश में लोगों की आकांक्षाएं साफ दिख रही हैं। सरकार अपनी भूमिका निभाती है, लेकिन मेरा मानना है कि 130 करोड़ भारतीय अपने कौशल से, क्षमता से और संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। भारत के लंबे इतिहास में हमें कई बार चुनौतियों से गुजरना पड़ा है। हमने विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, फिर भी आगे बढ़े। अब परिस्थितियां बदल रही हैं। अनुकूल वातावरण में देशवासी जो लक्ष्य हासिल कर सकते हैं, वह कल्पना से भी परे है।”

सबको साथ लेकर चलना हमारी संस्कृति

राष्ट्रपति ने कहा, “जब हम अपने देश की समावेशी संस्कृति की बात करते हैं तो हमें यह भी देखना है कि हमारा आपसी व्यवहार कैसा है। भारत का समाज हमेशा से सहज और सरल रहा है। वह जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चलता रहा है। भाषा-पंथ से ऊपर उठकर हमने एक-दूसरे का सम्मान किया है। हजारों सालों में शायद ही भारतीय समाज ने कभी भी पूर्वाग्रह को व्यक्त किया हो। सबके साथ चलना हमारी विरासत का हिस्सा रहा है। दूसरे देशों के साथ संबंधों में भी सहयोगी की भावना का हम परिचय देते हैं। भारत के सांस्कृतिक मूल्यों को हमें हमेशा बनाए रखना है।”

समाज के अंतिम व्यक्ति के हम आदर्शों पर अटल रहेंगे

“समाज का स्वरूप तय करने मेें युवाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। ये बहुत खुशी की बात है कि युवा ऊर्जा की धारा को सही दिशा देने के लिए विद्यालयों में जिज्ञासा की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनकी आशाओं और आकांक्षाओं पर विशेष ध्यान देना है। समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए भारत अपनी संवेदनशीलता बनाए रखेगा। आदर्शों पर अटल रहेगा, जीवनमूल्यों को संजो कर रखेगा और साहस की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। हम भारतीय ज्ञान और विज्ञान के दम पर चांद और मंगल पर पहुंचने की योग्यता रखते हैं। हमारी संस्कृति यह है कि हम प्रकृति और जीवों के लिए संवेदना रखते हैं।”

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article भारत सिर्फ कश्मीर तक नहीं रुकेगा:इमरान खान
Next Article टीम इंडिया वेस्टइंडीज में लगातार चौथी सीरीज जीती, कोहली ने करियर का 43वां शतक लगाया

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

दक्षिण मुंबई में जैन संस्कार विधि से दीपावली पूजन कार्यशाला का आयोजन
social
November 2, 2026
जयपुर में होगा ‘देवी विज्ञानम’ के ट्रेलर का भव्य अनावरण, फिल्म की स्टारकास्ट और आध्यात्मिक जगत की दिग्गज हस्तियां रहेंगी मौजूद
entertainment
November 2, 2026
प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र मुंबई का 30 वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मांडवी रिसार्ट में मनाया गया
social
November 2, 2026
पायल की छनक और दामिनी के ठुमकों से मचेगा बवाल, प्रतिभा राज लेकर आईं ‘लइला पायल राजा पीतल के’
entertainment
November 1, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?